बीजापुर,31 जुलाई (वेदांत समाचार) । जिले में लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच उसूर प्रशासन ने बड़ा राहत अभियान चलाते हुए नवजात शिशु, प्रसूता और सात पर्यटकों समेत कुल 9 लोगों का सफल रेस्क्यू किया। यह अभियान उसूर एसडीएम भूपेंद्र गावरे और तहसीलदार देवनंदन टंडन के नेतृत्व में एसडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीम के सहयोग से पूरा किया गया। बारिश के चलते डल्ला, मल्लेपल्ली और लंकापल्ली क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हो गए थे।
डल्ला गांव में प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला के फंसे होने की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रसव के बाद नवजात शिशु और उसकी मां मोडियम मासे को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके साथ ही मल्लेपल्ली की गर्भवती महिला ऊईका सुक्की का भी सफल रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया। इसी दौरान लंकापल्ली झरना घूमने पहुंचे सात पर्यटक भी पिछले दो दिनों से बाढ़ के कारण फंसे हुए थे। सूचना मिलते ही तहसीलदार देवनंदन टंडन ने एसडीआरएफ टीम के साथ अभियान चलाकर सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेस्क्यू के बाद प्रशासन ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की कि बाढ़ की स्थिति में किसी भी हाल में नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें। वहीं, एसडीएम भूपेंद्र गावरे ने स्वयं नंबी, गलगम और कर्रेगुट्टा क्षेत्र का दौरा कर अतिवृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने राजस्व अमले को प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों के लिए RBC 6(4) के तहत तत्काल सहायता प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने कहा है कि बारिश के दौरान राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी रहेगा।

