बिलासपुर, 13 अप्रैल । बिलासपुर-कटनी रेल रूट पर शनिवार शाम एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। वेंकटनगर और खैरझीटी रेलवे स्टेशन के बीच कोयले से लदी मालगाड़ी के 25 डिब्बे अचानक इंजन से अलग हो गए। यह घटना खैरझीटी स्कूल के पास पोड़की टोला क्षेत्र में हुई, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, मालगाड़ी पेंड्रा रोड की ओर से अनूपपुर-कटनी दिशा में जा रही थी। इसी दौरान अचानक तेज आवाज के साथ ट्रेन की कपलिंग टूट गई और पीछे के 25 डिब्बे इंजन से अलग हो गए। स्थिति गंभीर हो सकती थी, लेकिन लोको पायलट की सतर्कता और सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। झटका महसूस होते ही पायलट ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर इंजन को रोक दिया, जिससे ट्रेन आगे बढ़ने से रुक गई और डिब्बों के पटरी से उतरने या टकराव की संभावना टल गई।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि लोको पायलट की तत्परता के कारण संभावित बड़ा हादसा टल गया। यदि समय पर ट्रेन नहीं रुकती, तो डिब्बे पटरी से उतर सकते थे या पीछे से आ रही किसी अन्य ट्रेन से टकराव हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे का तकनीकी अमला और आरपीएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी 25 डिब्बों को सुरक्षित तरीके से दोबारा इंजन से जोड़ा गया। इसके बाद आवश्यक सुरक्षा जांच पूरी कर मालगाड़ी को उसके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कपलिंग फेल होने की बात सामने आई है। हालांकि, पूरे मामले की विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह घटना तकनीकी खराबी के कारण हुई या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही शामिल थी।
इस घटना के चलते कुछ समय के लिए अप लाइन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया था, जबकि डाउन लाइन से ट्रेनों की आवाजाही सामान्य बनी रही। रेलवे प्रशासन ने देर शाम तक ट्रैक को पूरी तरह क्लियर कर संचालन सामान्य कर दिया।
फिलहाल रेलवे ने इस मामले में विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं और रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी।
