रुद्रप्रयाग ,29जुलाई। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिले के अगस्त्यमुनि क्षेत्र में जलभराव, भूस्खलन, पहाड़ दरकने और सड़कें बंद होने जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। भारी बारिश के कारण कई संपर्क मार्गों के साथ-साथ प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग भी बाधित हो गए हैं। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर शिल्ली के पास पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर गिर गया, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। लगातार हो रही बारिश के चलते पहाड़ों से चट्टानें और मलबा गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं।
अगस्त्यमुनि-बेडूबगड़ पेट्रोल पंप के पास एक खड़ी गाड़ी अचानक पहाड़ी से गिरे बड़े बोल्डरों और पत्थरों की चपेट में आ गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय वाहन में कोई सवार नहीं था, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। हालांकि इस घटना ने पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे भूस्खलन के खतरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर मलबा और बोल्डर गिरने के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी और मलबा हटाने के लिए मशीनों और कर्मचारियों को मौके पर लगाया। सड़क खोलने का काम लगातार जारी है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण राहत कार्यों में भी बाधा आ रही है। प्रशासन का कहना है कि मौसम सामान्य होने के बाद ही मार्ग पूरी तरह सुरक्षित तरीके से खोला जा सकेगा।
अगस्त्यमुनि बाजार और आसपास के इलाकों में हालात और भी चिंताजनक बने हुए हैं। लगातार बारिश से सड़कें जलमग्न हो गई हैं और कई स्थानों पर पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और कई नाले उफान पर बह रहे हैं। इससे आसपास के मकानों और दुकानों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। कई घरों के आसपास पानी जमा होने से स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले के विभिन्न हिस्सों में पहाड़ दरकने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
कई स्थानों पर छोटे-बड़े भूस्खलन के कारण ग्रामीण संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे दूरस्थ गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और दैनिक आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। भारी बारिश के चलते जिले के दोनों प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कई संपर्क मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। इससे चारधाम यात्रा मार्ग पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन और संबंधित विभाग सड़कों से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं। हालांकि लगातार बारिश राहत और बचाव कार्यों के लिए चुनौती बनी हुई है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम पूरी तरह सामान्य होने तक सतर्क रहें।
प्रशासन ने विशेष रूप से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और पहाड़ी ढलानों से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। अधिकारियों ने बताया कि सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दल तैयार हैं। लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की अहमियत को सामने ला दिया है। स्थानीय प्रशासन हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सहायता पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों से संयम बरतने और अफवाहों से बचने की भी अपील की गई है। मौसम सामान्य होने तक प्रशासन ने नागरिकों से पूरी सतर्कता बरतने का आग्रह किया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

