नारायणपुर, 26 जुलाई (वेदांत समाचार) । आईटीबीपी 53वीं वाहिनी के जवानों ने एक बार फिर वर्दी के पीछे छिपी मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की है। बेनूर के अति-संवेदनशील और दुर्गम गांव धुरबेड़ा की 22 वर्षीय गर्भवती सुधी मंडावी को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। मूसलाधार बारिश से रास्ते कीचड़युक्त हो चुके थे और उफनते नालों के कारण एंबुलेंस पहुंचना असंभव था। सूचना मिलते ही सेनानी संजय कुमार के मार्गदर्शन में कोडेनार और अडिंगपार से आईटीबीपी व पुलिस की टीमें रवाना हुईं।
जवानों ने घने जंगलों और उफनते नालों की परवाह किए बिना गांव पहुंचकर महिला को स्ट्रेचर पर लिटाया और कई किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक लाए। इसके बाद फील्ड अस्पताल कुतुल के सहयोग से उसे सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीणों ने जवानों को संकट का सच्चा साथी बताया।

