कोरबा ,25 जुलाई (वेदांत समाचार) । पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले कोरबी से रानी अटारी मार्ग के ,सरमा, से कोरबी तक लगभग तीन किलोमीटर लंबे सडक़ की जर्जर स्थिति को लेकर अब ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर सडक़ मरम्मत का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो वे जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।ग्रामीणों का कहना है कि यह सडक़ क्षेत्र के लोगों के लिए जीवनरेखा है।
प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण, विद्यार्थी, कर्मचारी, व्यापारी और मरीज इसी मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन वर्षों से उपेक्षा का शिकार यह सडक़ अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। सडक़ जगह-जगह उखड़ गई है और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ज्ञापन में बताया गया है कि इस मार्ग से कोयला परिवहन करने वाले भारी ट्रकों एवं अन्य भारी वाहनों की लगातार आवाजाही होती है। अत्यधिक भार वाले वाहनों के कारण सडक़ की सतह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। कई स्थानों पर डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और सडक़ पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है, जिससे वाहन चालकों को सडक़ का वास्तविक स्वरूप दिखाई नहीं देता और दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
सडक़ के साथ-साथ इस मार्ग की कई पुलियाएं भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। पुलियों के टूटने और किनारों के कमजोर होने के कारण बड़े वाहनों के साथ-साथ छोटे वाहन चालकों को भी भारी जोखिम उठाना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में पानी का तेज बहाव पुलियों के ऊपर से गुजरता है, जिससे आवागमन और भी अधिक कठिन एवं जोखिमपूर्ण हो जाता है।खराब सडक़ का सबसे अधिक असर बीमार और गंभीर मरीजों पर पड़ रहा है। मरीजों को अस्पताल ले जाने वाली एम्बुलेंस को जर्जर सडक़ पर काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार गहरे गड्ढों के कारण एम्बुलेंस की गति बेहद धीमी हो जाती है, जिससे गंभीर मरीजों का समय पर उपचार प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी आपातकालीन सेवाएं भी इस सडक़ की बदहाली से प्रभावित हो रही हैं। सडक़ की खराब स्थिति के कारण यात्रियों से भरी बसें बंद हो रही है और कोयला लोड वाहनों के पलटने का खतरा हमेशा बना रहता है।कोरबी एवं आसपास के गांवों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इसी मार्ग से स्कूल और कॉलेज आते-जाते हैं। जर्जर सडक़ के कारण उन्हें प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने इस बारे में एसडीएम मनोज बंजारे को ज्ञापन देकर सडक़ सुधार की मांग की।

