बारिश में टपकते कच्चे घर से पक्के आशियाने तक: PM Awas Yojana से बदली क्रांती बाई की जिंदगी, जांजगीर-चांपा में मिली नई खुशहाली - vedantsamachar.in

बारिश में टपकते कच्चे घर से पक्के आशियाने तक: PM Awas Yojana से बदली क्रांती बाई की जिंदगी, जांजगीर-चांपा में मिली नई खुशहाली

जांजगीर-चांपा, 21 जुलाई 2026। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर और आवासहीन परिवारों के लिए सम्मानजनक जीवन का आधार बन रही है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अमोरा की निवासी क्रांती बाई की कहानी इस योजना की सफलता का प्रेरणादायक उदाहरण है। वर्षों तक जर्जर कच्चे मकान में रहने के बाद आज उनका परिवार सुरक्षित और पक्के घर में खुशहाल जीवन बिता रहा है।

बरसात के दिनों में क्रांती बाई के कच्चे मकान की छत से पानी टपकता था, जिससे पूरे परिवार को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे स्वयं पक्का मकान बनाने में सक्षम नहीं थीं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनका चयन हुआ। ग्राम सभा की अनुशंसा और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें योजना का लाभ मिला।

योजना के तहत क्रांती बाई को 1.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। वहीं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिली। ग्राम पंचायत अमोरा के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और तकनीकी अमले के सहयोग से निर्धारित समय में आवास निर्माण कार्य पूरा हुआ। अब उनका परिवार नए, स्वच्छ और सुरक्षित पक्के मकान में रह रहा है।

क्रांती बाई ने खुशी जताते हुए कहा कि पहले बारिश का मौसम उनके परिवार के लिए चिंता लेकर आता था, क्योंकि घर की छत से पानी टपकता था। अब पक्का मकान मिलने से उनके परिवार और बच्चों का भविष्य सुरक्षित महसूस होता है। उन्होंने इसके लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभाव से ग्राम पंचायत में स्थानीय श्रमिकों को रोजगार के अवसर भी मिले हैं। अन्य योजनाओं के अभिसरण से स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है। योजना ने महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया है। ऑनलाइन और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से हितग्राहियों को समय पर योजना का लाभ मिल रहा है।

इस बीच कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माण कार्यों में तेजी लाने और सभी लंबित आवासों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान पात्र हितग्राहियों को सुरक्षित पक्के मकान का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर अनावश्यक विलंब को रोका जाए।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार पोयाम ने भी अधिकारियों को प्रत्येक चरण की समय पर जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि हितग्राहियों के बैंक खातों में किस्त की राशि बिना किसी देरी के हस्तांतरित हो सके।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) लगातार यह साबित कर रही है कि पक्का घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। क्रांती बाई की कहानी इसी सकारात्मक बदलाव की मिसाल बनकर सामने आई है।