DRUNK DRIVING पर कोर्ट का बड़ा संदेश: जांजगीर-चांपा में शराबी चालक को 15 हजार जुर्माना, 30 दिन करनी होगी सफाई और जनजागरूकता - vedantsamachar.in

DRUNK DRIVING पर कोर्ट का बड़ा संदेश: जांजगीर-चांपा में शराबी चालक को 15 हजार जुर्माना, 30 दिन करनी होगी सफाई और जनजागरूकता

जांजगीर-चांपा, 21 जुलाई (वेदांत समाचार)। सड़क सुरक्षा को लेकर जांजगीर-चांपा पुलिस की सख्ती अब न्यायालय के फैसलों में भी दिखाई देने लगी है। शराब पीकर वाहन चलाने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय, जांजगीर ने एक शराबी वाहन चालक को ऐसी सजा सुनाई है, जो न केवल दंडात्मक है बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश भी देती है।

न्यायालय ने आरोपी वाहन चालक स्वदेश यादव (38 वर्ष), निवासी पाण्डेय नगर, जांजगीर पर मोटर यान अधिनियम की धारा 185 के तहत 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही आरोपी को 30 दिनों तक सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया गया है।

न्यायालय के आदेश के अनुसार 22 जुलाई 2026 से शुरू होने वाली इस अवधि में स्वदेश यादव को प्रतिदिन तीन घंटे तक कोतवाली थाना जांजगीर में साफ-सफाई करनी होगी। इतना ही नहीं, उसे जिले के विभिन्न चौक-चौराहों पर लोगों को शराब का सेवन न करने और शराब पीकर वाहन नहीं चलाने के लिए जागरूक भी करना होगा।

जानकारी के अनुसार, जांजगीर-चांपा पुलिस ने आरोपी को शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा था। यातायात पुलिस ने वाहन जब्त कर उसके खिलाफ मोटर यान अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई करते हुए मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया था।

पुलिस के अनुसार, यह पहली बार नहीं था जब स्वदेश यादव शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। इससे पहले भी वह दो बार नशे की हालत में वाहन चलाते हुए पकड़ा जा चुका था, जिन दोनों मामलों में उस पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। बार-बार एक ही अपराध दोहराने के कारण इस बार न्यायालय ने आर्थिक दंड के साथ सामुदायिक सेवा जैसी अनोखी और समाजोपयोगी सजा सुनाई।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) उदयन बेहार के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस लगातार सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की सजा का उद्देश्य केवल अपराधी को दंडित करना नहीं, बल्कि समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। उम्मीद है कि यह फैसला अन्य वाहन चालकों के लिए भी चेतावनी साबित होगा और लोग नशे की हालत में वाहन चलाने से बचेंगे।