कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद रिहा कर दिया गया। दोनों नेताओं को दिल्ली पुलिस ने छत्रसाल स्टेडियम छोड़ दिया जहां से वे निकल गए। बता दें कि, कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी नई दिल्ली स्थित मंदिर मार्ग थाने में पहुंचीं थीं। यहीं पुलिस ने प्रियंका गांधी को हिरासत में लेकर रखा था। प्रियंका गांधी ने कहा कि, लोकतंत्र में हमें प्रदर्शन करने का अधिकार है। इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी खासा उत्साह और आक्रोश देखने को मिला। गौरतलब है कि, कांग्रेस समेत बाकी नेताओं को भी पुलिस ने रिहा कर दिया है।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया। पार्टी नेताओं का कहना है कि जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना विपक्ष का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है और शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के बजाय सरकार को जनहित के सवालों का जवाब देना चाहिए।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव को सामने ला दिया है। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ अपनी आवाज और मजबूती से उठाने का संकेत दिया है।
रिहाई के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के रुख से साफ है कि कांग्रेस अपने मुद्दों को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है। पार्टी की ओर से आगे भी विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक अभियान जारी रहने की संभावना है।

