कोरबा,20 जुलाई (वेदांत समाचार)। सीएसईबी रामपुर क्षेत्र से इमारती लकड़ी के अवैध परिवहन और अमानत में खयानत के मामले में कोरबा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 20.169 घनमीटर इमारती लकड़ी तथा परिवहन में प्रयुक्त एक क्रेन जब्त की है। बरामद लकड़ी की अनुमानित कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई गई है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार वन परिक्षेत्र अधिकारी ने थाना सिविल लाइन रामपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सीएसईबी रामपुर स्थित जूनियर क्लब के पास राजस्व क्षेत्र में सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से वृक्षों की कटाई का कार्य किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान सात वृक्षों से प्राप्त इमारती लकड़ी के अनधिकृत रूप से परिवहन किए जाने का मामला सामने आया, जिसके आधार पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना सिविल लाइन प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी आस्था शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, दस्तावेजों और लगातार की गई पतासाजी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जांच में लकड़ी को कोरबा से रायपुर-अभनपुर क्षेत्र तक ले जाने से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
प्रदेश स्तरीय संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस और वन विभाग ने लगभग 20.169 घनमीटर इमारती लकड़ी तथा उसे लोडिंग एवं परिवहन में उपयोग की गई क्रेन को जब्त किया। बरामद लकड़ी का अनुमानित मूल्य करीब 9 लाख रुपये आंका गया है।
मामले में आरोपी सुनील कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर थाना सिविल लाइन के अपराध क्रमांक 673/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2), 316(5) एवं 317(2) के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना अभी जारी है। बरामद लकड़ी के वास्तविक स्रोत, अवैध परिवहन में शामिल अन्य व्यक्तियों तथा किसी संगठित नेटवर्क की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी शासकीय अथवा वन संपदा की अवैध कटाई, परिवहन या भंडारण की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस या निकटतम थाने को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

