कोरबा/दीपका, 19 जुलाई (वेदांत समाचार)। इंडस पब्लिक स्कूल, दीपका में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आयोजित इन्वेस्टिचर डे समारोह गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में नवगठित छात्र परिषद के पदाधिकारियों को विद्यालय के अनुशासन, नेतृत्व और उत्तरदायित्व की जिम्मेदारी सौंपते हुए पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सेवा, अनुशासन, समर्पण और आदर्श नेतृत्व का संकल्प लिया।
समारोह के मुख्य अतिथि रघुबीर नारायण (डीआईजी, CISF, SECL) थे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में विपिन मलिक (निदेशक, ACB India Ltd.), सतीश शर्मा (प्राचार्य, DPS NTPC) तथा टी. पी. राव (प्राचार्य, DAV पब्लिक स्कूल, गेवरा) उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए नेतृत्व और नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन जीने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद विद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय गुप्ता ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया। तत्पश्चात नवचयनित छात्र परिषद के सदस्यों को बैज एवं सैश पहनाकर पदभार ग्रहण कराया गया।
इस अवसर पर विशेष सिहाग को हेड बॉय, पल्लवी उइके को हेड गर्ल, शिवम सिहाग को स्पोर्ट्स सेक्रेटरी (बालक), अनोखी अग्रवाल को स्पोर्ट्स सेक्रेटरी (बालिका) तथा पायल सहारन को कल्चरल सेक्रेटरी नियुक्त किया गया। इसके साथ ही विभिन्न सदनों के हाउस प्रीफेक्ट्स ने भी अपने-अपने पद की जिम्मेदारी संभाली।

मुख्य अतिथि रघुबीर नारायण ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि “नेतृत्व कोई पद नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन, उत्तरदायित्व और आदर्श आचरण का प्रतीक है। सच्चा नेता वही है, जो अपने व्यवहार से दूसरों को प्रेरित करे।” उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि श्री सतीश शर्मा ने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की पहली पाठशाला है, जहां नेतृत्व, सहयोग, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनिर्वाचित छात्र परिषद विद्यालय की गरिमा और अनुशासन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
डीएवी पब्लिक स्कूल, गेवरा के प्राचार्य श्री टी. पी. राव ने अपने उद्बोधन में कहा कि “नेतृत्व किसी पद अथवा अधिकार का पर्याय नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, उत्तरदायित्व एवं आदर्श चरित्र का जीवंत स्वरूप है।” उन्होंने विद्यार्थियों को निष्पक्षता, सहयोग, समयपालन और सेवा-भाव को अपने व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि “नेतृत्व कोई अलंकार नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व का सर्वोच्च स्वरूप है। पद व्यक्ति को महान नहीं बनाता, बल्कि उसके आदर्श विचार, अनुशासित व्यवहार, सेवा-भाव और कर्तव्यनिष्ठा उसे महान बनाते हैं।” उन्होंने कहा कि इन्वेस्टिचर डे केवल बैज धारण करने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यालय के आदर्शों, अनुशासन और उत्कृष्टता के प्रति समर्पण का संकल्प है।
डॉ. गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय मूल्यों का विकास करना है। उन्होंने छात्र परिषद के सदस्यों से विद्यालय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा अपने कार्यों से अनुशासन और उत्कृष्टता की नई मिसाल स्थापित करने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने विद्यालय के प्रति निष्ठा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की शपथ ली। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। पूरा समारोह गरिमा, अनुशासन और उत्साह का अनुपम उदाहरण रहा तथा विद्यार्थियों में नेतृत्व, सेवा-भाव और उत्तरदायित्व की भावना को सशक्त बनाने में सफल सिद्ध हुआ।

