कोरबा, 19 जुलाई। छत्तीसगढ़ के पूर्व राजस्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता जयसिंह अग्रवाल ने रविवार को कोरबा स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान, आभूषणों और वित्तीय प्रबंधन को लेकर पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का सवाल भगवान श्रीराम या श्रद्धालुओं की आस्था पर नहीं, बल्कि श्रीराम के नाम पर प्राप्त चढ़ावे और उसकी सुरक्षा तथा प्रबंधन को लेकर है।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि भगवान श्रीराम किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था के केंद्र हैं। मंदिर में चढ़ाया गया प्रत्येक रुपया और प्रत्येक धरोहर करोड़ों श्रद्धालुओं की अमानत है, इसलिए उसके प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान भाजपा भगवान श्रीराम के नाम पर वोट मांगती है और राम मंदिर को अपनी उपलब्धि बताती है, लेकिन जब मंदिर के चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठते हैं तो सरकार मौन हो जाती है। उन्होंने कहा कि यदि सब कुछ सही है तो सरकार को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने, स्वतंत्र एसआईटी या सीबीआई जांच कराने तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
पूर्व मंत्री ने कहा कि यदि अरबों रुपये की कथित अनियमितता हुई है तो उसकी जिम्मेदारी केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर नहीं डाली जा सकती। उन्होंने ट्रस्ट के ऑडिट, स्टॉक सत्यापन, डिजिटल रिकॉर्ड, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की जवाबदेही तय करने की आवश्यकता बताई।
कांग्रेस की ओर से उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच, समयबद्ध जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने, दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध समान कानूनी कार्रवाई तथा श्रीराम मंदिर सहित देश के सभी प्रमुख मंदिरों में डिजिटल इन्वेंट्री, ऑनलाइन लेखांकन, वार्षिक स्वतंत्र ऑडिट, सार्वजनिक वित्तीय रिपोर्ट और नियमित स्टॉक सत्यापन जैसी पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना विपक्ष का दायित्व और जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा रामराज्य की बात करती है तो रामराज्य का मूल आधार सत्य, न्याय और जवाबदेही है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े विषय पर निष्पक्ष जांच और पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित कर सच्चाई देश के सामने लाई जानी चाहिए।

