जांजगीर-चांपा, 15 जुलाई (वेदांत समाचार)। जिले में पुरानी रंजिश के चलते लोहे की रॉड और डंडों से पीट-पीटकर युवक की हत्या करने के मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश गणेशराम पटेल की अदालत ने दोषियों पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना नहीं चुकाने की स्थिति में छह-छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
कोर्ट और न्यायपालिका अतिरिक्त लोक अभियोजक केएन कश्यप ने बताया कि मामला बिर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम सेमरिया का है। 10 मई 2025 को प्रार्थी गोविंद नारायण कश्यप ने थाना बिर्रा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह शादी समारोह में ग्राम छाछी गए हुए थे। इसी दौरान उन्हें फोन पर सूचना मिली कि उनके छोटे भाई देवी प्रसाद कश्यप पर गांव के संजीव कश्यप, रामेश्वर कश्यप, दुजराज कश्यप और एक अपचारी बालक ने पुरानी रंजिश के चलते हमला कर दिया है।
आरोपियों ने साप्ताहिक बाजार से घर लौट रहे देवी प्रसाद का रास्ता रोककर लोहे की रॉड और डंडों से बेरहमी से हमला किया। मारपीट के दौरान गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
21 गवाहों के बयान के बाद दोष सिद्ध
पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच पूरी की और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 21 गवाहों के बयान कराए। अभियोजन ने तर्क दिया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हत्या की नियत से गंभीर अपराध किया है, इसलिए उन्हें कठोरतम सजा दी जानी चाहिए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने अभियोजन के तर्कों को सही मानते हुए तीनों आरोपियों रामेश्वर कश्यप (21 वर्ष), संजीव कश्यप (22 वर्ष) और दुजराज कश्यप (40 वर्ष), निवासी ग्राम सेमरिया को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) एवं 3(5) के तहत दोषी ठहराया।
दोषियों को आजीवन कारावास और अर्थदंड
न्यायालय ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 5,000 रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषियों को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक केएन कश्यप ने प्रभावी पैरवी की।

