जांजगीर, 15 जुलाई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित ब्यूटी पेजेंट ‘मिस छत्तीसगढ़ 2026’ में जांजगीर-चांपा जिले के केरा गांव की बेटी अपर्णा आदित्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फर्स्ट रनर-अप का खिताब अपने नाम किया है। एक साधारण किसान परिवार से आने वाली अपर्णा की इस उल्लेखनीय उपलब्धि ने पूरे जिले को गौरवान्वित कर दिया है। उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं के लिए नई प्रेरणा बनकर सामने आई है।
प्रतियोगिता के दौरान अपर्णा आदित्य ने अपनी सादगी, आत्मविश्वास, प्रभावशाली व्यक्तित्व और बेहतरीन मंच प्रस्तुति से निर्णायक मंडल और दर्शकों का दिल जीत लिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला, संस्कृति और परंपराओं को आधुनिक सोच और आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत कर अपनी अलग पहचान बनाई। उनके प्रदर्शन को प्रतियोगिता के प्रमुख आकर्षणों में शामिल किया गया।
अपर्णा की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर ग्रामीण परिवेश से आने वाले युवा भी बड़े मंचों पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को साकार कर जिले की बेटियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
अपनी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए अपर्णा आदित्य ने इसका श्रेय अपने माता-पिता के सहयोग और आशीर्वाद को दिया। उन्होंने बताया कि उनकी माता माधुरी आदित्य और पिता नरेश आदित्य ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया, जिसकी बदौलत वह इस मुकाम तक पहुंच सकीं।
उन्होंने अपनी मौसी डॉ. रश्मि लता राकेश, बहन देवनंदिनी, भाई विमल, मित्र करण देवांगन तथा चिन्हारी मॉडलिंग एकेडमी के प्रशिक्षक प्रेम साईं भगत के मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और विश्वास के प्रति भी आभार व्यक्त किया। अपर्णा ने कहा कि परिवार और गुरुजनों के निरंतर सहयोग ने उन्हें आत्मविश्वास दिया और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
अपर्णा आदित्य की इस उपलब्धि से केरा गांव सहित पूरे जांजगीर-चांपा जिले में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने जिले का नाम पूरे छत्तीसगढ़ में रोशन किया है। लोगों का मानना है कि अपर्णा की सफलता ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों और युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।
ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर राज्य स्तर के प्रतिष्ठित मंच पर फर्स्ट रनर-अप का खिताब जीतने वाली अपर्णा आदित्य आज जांजगीर-चांपा जिले की नई पहचान बन गई हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और परिवार व गुरुजनों का साथ मिले तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

