रायगढ़, 13 जुलाई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-53 (NH-53) पर युवक से लूटपाट की वारदात का पुसौर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने एक विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटा गया रियलमी पी2 प्रो मोबाइल, नकदी, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और वारदात में प्रयुक्त बिना नंबर की होंडा एक्टिवा स्कूटी बरामद कर जब्त कर ली है। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
रायगढ़ पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और मुखबिर तंत्र को मजबूत करने के अभियान के तहत इस मामले की जांच तेज़ी से की गई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते अंधे लूटकांड का सफल खुलासा संभव हो सका।
मामले की शुरुआत 11 जुलाई 2026 को हुई, जब ग्राम तेतला निवासी कमल प्रसाद जांगड़े ने थाना पुसौर में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि 4 जुलाई की रात वह रायगढ़ से अपने गांव लौट रहा था। रात करीब 10:20 बजे लोहरसिंह पेट्रोल पंप के आगे मां मंगला नर्सिंग कॉलेज के पास एनएच-53 पर बिना नंबर की नीले रंग की स्कूटी में सवार तीन युवकों ने उसकी स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी। सड़क पर गिरने के बाद आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी देते हुए उसका बैग और पर्स लूट लिया।
लूटे गए सामान में ₹2,500 नकद, रियलमी पी2 प्रो मोबाइल, चार एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी शामिल थे। वारदात के बाद आरोपी मौके से कोडातराई की ओर फरार हो गए। शिकायत मिलने पर थाना पुसौर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान चाणक्य शर्मा उर्फ दिलीप शर्मा (33), चन्द्रभानू साव (26) और एक 16 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक के रूप में की।
तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने लूटपाट की वारदात स्वीकार कर ली। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की होंडा एक्टिवा स्कूटी, रियलमी पी2 प्रो मोबाइल, ₹1,600 नकद, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और चार एटीएम कार्ड बरामद किए गए। तहसीलदार पुसौर की मौजूदगी में कराई गई शिनाख्ती परेड में पीड़ित ने तीनों आरोपियों की पहचान भी कर ली।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों को अपराध क्रमांक 187/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2) और 309(4) के अंतर्गत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं नाबालिग आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस, सहायक उप निरीक्षक उमाशंकर नायक, प्रधान आरक्षक बसंत पाण्डेय तथा आरक्षक कमलेश निराला की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ जिले में लूटपाट जैसे अपराध करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी निगरानी और प्रभावी पुलिसिंग के माध्यम से ऐसे मामलों का शीघ्र खुलासा कर आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा तथा न्यायालय में मजबूत साक्ष्यों के साथ चालान प्रस्तुत कर उन्हें कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

