Korba News: साइबर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच गए 6 लाख रुपये, ऑनलाइन ठगी की रकम होल्ड; पीड़ित को वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू - vedantsamachar.in

Korba News: साइबर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच गए 6 लाख रुपये, ऑनलाइन ठगी की रकम होल्ड; पीड़ित को वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू

कोरबा, 13 जुलाई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में साइबर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हुए एक व्यक्ति के 6 लाख रुपये सुरक्षित हो गए। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर समय रहते शिकायत दर्ज होने के कारण पुलिस ने संबंधित बैंक खाते में मौजूद पूरी राशि को तत्काल डेबिट फ्रीज (Debit Freeze) करा दिया। अब नियमानुसार राशि को पीड़ित के बैंक खाते में वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कोरबा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (साइबर नोडल) नीतीश कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस थाना लगातार “सजग कोरबा–सतर्क कोरबा” अभियान चला रहा है। इस अभियान के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम, लोगों को जागरूक करने और ऑनलाइन ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

इसी अभियान के दौरान राहुल रात्रे नामक व्यक्ति ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो गया। अज्ञात ठग ने झांसा देकर उसके बैंक खाते से 6 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत प्राप्त होते ही साइबर पुलिस थाना कोरबा सक्रिय हो गया। पुलिस ने NCRP पोर्टल के माध्यम से संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित कर आरोपी के खाते में उपलब्ध राशि को तत्काल होल्ड (डेबिट फ्रीज) कराया। इससे ठगी गई पूरी राशि सुरक्षित हो गई और उसके निकाले जाने पर रोक लग गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिसके बाद होल्ड की गई राशि पीड़ित राहुल रात्रे के बैंक खाते में वापस दिलाई जाएगी।

कोरबा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी निवेश, डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई फ्रॉड, ओटीपी फ्रॉड, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, लोन फ्रॉड या सोशल मीडिया फ्रॉड का शिकार होते हैं तो बिना समय गंवाए तुरंत 1930 पर कॉल करें, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज करें और नजदीकी पुलिस थाना या साइबर पुलिस थाना को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, ठगी गई राशि को सुरक्षित होल्ड कर वापस दिलाने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।

पुलिस ने नागरिकों को यह भी सलाह दी है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। साथ ही ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक खाता नंबर, एटीएम कार्ड की जानकारी, सीवीवी और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। सतर्कता और समय पर शिकायत ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

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