रायपुर, 12 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम कमोसिनडांड निवासी जन्म से दिव्यांग गणेश राम यादव के जीवन में नई उम्मीद जगी है। उनके संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाशित एक समाचार का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद समाज कल्याण विभाग और जिला प्रशासन ने महज 24 घंटे के भीतर उन्हें ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराकर संवेदनशील प्रशासनिक कार्यप्रणाली का उदाहरण पेश किया।
मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही समाज कल्याण विभाग और जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। रविवार को शासकीय अवकाश होने के बावजूद अधिकारियों ने जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के माध्यम से ट्राइसाइकिल की व्यवस्था कर उसे गणेश राम यादव के घर पहुंचाया। उस समय वे घर पर मौजूद नहीं थे, इसलिए ट्राइसाइकिल उनके बड़े भाई विचित्र यादव को सौंपते हुए अधिकारियों ने कहा कि गणेश राम के लौटते ही उन्हें यह उपलब्ध करा दी जाए।
दरअसल, हाल ही में गणेश राम यादव की एक तस्वीर सामने आई थी, जिसमें वे हाथों के सहारे चलकर दैनिक जरूरतें पूरी करते नजर आए थे। आर्थिक तंगी के कारण वे वर्षों से ट्राइसाइकिल जैसी आवश्यक सुविधा से वंचित थे। दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्र में रहने के कारण उन्हें आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने और अन्य जरूरी कार्यों के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।
ट्राइसाइकिल मिलने पर गणेश राम यादव के परिवार ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। बड़े भाई विचित्र यादव ने कहा कि अब तक गणेश राम को छोटी-सी दूरी तय करने के लिए भी हाथों के सहारे चलना पड़ता था, जिससे उन्हें शारीरिक कष्ट के साथ-साथ सामाजिक जीवन में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब ट्राइसाइकिल मिलने से उनका आवागमन आसान होगा और वे अपने कई कार्य स्वयं कर सकेंगे।
गणेश राम यादव की भाभी चंद्रवती ने बताया कि उनके पति विचित्र यादव और देवर गणेश राम यादव दोनों जन्म से दिव्यांग हैं तथा वे स्वयं भी दिव्यांग हैं। दोनों भाइयों को प्रतिमाह दिव्यांग पेंशन मिलती है। परिवार को महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिल रहा है, जबकि राशन कार्ड के माध्यम से नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्राइसाइकिल मिलने से गणेश राम का दैनिक जीवन पहले की अपेक्षा काफी आसान हो जाएगा।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री की इस त्वरित पहल और प्रशासन की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि जरूरतमंदों की समस्याओं के समाधान के लिए जिस संवेदनशीलता और तेजी से कार्रवाई की गई, उससे शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है। यह पहल सुशासन, जवाबदेही और जनकल्याण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।

