धमतरी, 11 जुलाई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ में आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 (Next Generation) को और अधिक तेज, प्रभावी तथा तकनीक आधारित बनाने की दिशा में धमतरी में तीन जिलों का संयुक्त दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक धमतरी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में धमतरी, गरियाबंद और बालोद जिले के करीब 150 अधिकारी एवं कर्मचारियों ने आधुनिक तकनीकी उपकरणों के संचालन का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कम्पोजिट बिल्डिंग धमतरी में आयोजित इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य डायल-112 फेस-2 परियोजना के तहत कार्यरत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नई तकनीकों से दक्ष बनाना था, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की प्रतिक्रिया और अधिक त्वरित, सटीक तथा प्रभावी हो सके। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकी प्रणाली के संचालन के साथ-साथ वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित अभ्यास भी कराया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डायल-112 फेस-2 परियोजना के अंतर्गत पहले भी मुख्यालय स्तर और ऑनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा चुका है, लेकिन नवीन जिलों में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को CAD (Computer Aided Dispatch), Mobile PTT, Camera सहित अन्य अत्याधुनिक तकनीकी उपकरणों के व्यवहारिक उपयोग में दक्ष बनाने के उद्देश्य से यह विशेष हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण में सी-डैक (C-DAC) के मास्टर ट्रेनरों ने जिला कमांड सेंटर (DCC) में इवेंट मॉनिटरिंग, इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) में स्थापित तकनीकी संसाधनों के संचालन, रियल-टाइम कम्युनिकेशन, समन्वय और आपातकालीन घटनाओं में त्वरित प्रतिक्रिया की पूरी प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन किया। अधिकारियों और कर्मचारियों को यह भी बताया गया कि आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग कर घटनास्थल तक कम समय में पहुंचकर नागरिकों को शीघ्र सहायता कैसे उपलब्ध कराई जा सकती है।
इस संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में डायल-112 के नोडल अधिकारी, उप पुलिस अधीक्षक, रक्षित निरीक्षक, जिला कमांड सेंटर (DCC) प्रभारी एवं स्टाफ, इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) स्टाफ, हाईवे पेट्रोलिंग टीम तथा थाना स्टाफ सहित लगभग 150 अधिकारी-कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न तकनीकी उपकरणों के संचालन के साथ-साथ सिमुलेशन एक्सरसाइज कराई गई, जिससे वे वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने और प्रभावी रिस्पॉन्स देने के लिए अधिक सक्षम बन सकें।
कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय, सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी, डीएसपी यशकरण दीप ध्रुव, डीएसपी मीना साहू, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा, रक्षित निरीक्षक रेवती वर्मा, गरियाबंद के रक्षित निरीक्षक सहित सी-डैक के नेटवर्क प्रोग्रामर संकल्प केडिया एवं मास्टर ट्रेनर गोविन्दा कंवर, त्रिदेव यादव और धरम यादव मौजूद रहे।
धमतरी पुलिस का कहना है कि इस प्रशिक्षण से डायल-112 सेवा की तकनीकी क्षमता और अधिक मजबूत होगी तथा आम नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में पहले से अधिक तेज, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और गुणवत्तापूर्ण पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। यह पहल प्रदेश में आधुनिक पुलिसिंग और स्मार्ट इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

