रायपुर, 11 जुलाई (वेदांत समाचार)। राजधानी रायपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी ने खुद को प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए अभ्यर्थियों को महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उन्हें फर्जी चयन सूची तथा फर्जी नियुक्ति पत्र सौंपकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र में पीड़ितों की शिकायत मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अपराध दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर विस्तृत जांच शुरू की। विवेचना के दौरान शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद इमरान कादरी (37 वर्ष) पिता मोहम्मद इकबाल कादरी निवासी पेंशनबाड़ा, थाना कोतवाली रायपुर तथा वर्तमान पता परसतराई रोड, धरसींवा, रायपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से रहा है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार उसके खिलाफ जुआ और विभिन्न प्रकार की धोखाधड़ी से जुड़े कुल आठ आपराधिक मामले थाना सिविल लाइन, तेलीबांधा, सिमगा सहित अन्य थाना क्षेत्रों में दर्ज हैं। उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए पूर्व में भी उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा चुकी है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी बेरोजगार युवाओं को सरकारी विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। विश्वास कायम करने के लिए वह फर्जी चयन सूची और नियुक्ति पत्र तैयार कर अभ्यर्थियों को देता था, ताकि उन्हें भर्ती प्रक्रिया वास्तविक प्रतीत हो।
रायपुर पुलिस ने नागरिकों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने या भर्ती में चयन कराने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को धनराशि न दें। किसी भी भर्ती से संबंधित जानकारी केवल संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत माध्यमों से ही प्राप्त करें। यदि कोई व्यक्ति नौकरी दिलाने के नाम पर पैसों की मांग करता है या संदिग्ध गतिविधि करता है, तो इसकी सूचना तुरंत निकटतम पुलिस थाना या पुलिस हेल्पलाइन पर दें।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक अपराधों, साइबर ठगी और नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों के खिलाफ आगे भी सख्त और प्रभावी वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

