Janjgir-Champa News: शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, समय पर पूरा हो पाठ्यक्रम और अभी से करें बोर्ड परीक्षा की तैयारी – कलेक्टर जन्मेजय महोबे - vedantsamachar.in

Janjgir-Champa News: शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, समय पर पूरा हो पाठ्यक्रम और अभी से करें बोर्ड परीक्षा की तैयारी – कलेक्टर जन्मेजय महोबे

जांजगीर-चांपा, 11 जुलाई (वेदांत समाचार)। जिले के सभी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समय पर पाठ्यक्रम पूर्ण कराने और बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने शनिवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) और प्राचार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और प्रत्येक विद्यालय में नियमित, अनुशासित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर ने शिक्षकों और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि दर्ज संख्या के अनुरूप प्रतिदिन छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। जो विद्यार्थी लगातार अनुपस्थित रहें, उनके संबंध में आवश्यक फॉलोअप किया जाए ताकि कोई भी छात्र पढ़ाई से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

बैठक में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में किसी विषय के शिक्षक नहीं हैं, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। जरूरत पड़ने पर पढ़ाने के इच्छुक सेवानिवृत्त शिक्षकों का सहयोग लिया जाए। साथ ही ऑनलाइन कक्षाएं, विशेष कक्षाएं, विषयवार वीडियो लेक्चर और प्रोजेक्टर आधारित शिक्षण जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर विद्यार्थियों की पढ़ाई निर्बाध जारी रखने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने सभी विद्यालयों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर संपूर्ण पाठ्यक्रम पूरा कराने, शिक्षकों द्वारा नियमित रूप से दैनिक डायरी संधारित करने तथा समय-सारिणी और सिलेबस के अनुरूप पढ़ाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल पाठ्यक्रम पूरा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की विषयगत समझ और सीखने की क्षमता विकसित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

बैठक में निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों, गणवेश और साइकिल वितरण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी पात्र विद्यार्थियों तक समय-सीमा में सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वितरण कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों की सहभागिता के साथ आयोजित किए जाएं ताकि योजनाओं का लाभ समय पर विद्यार्थियों तक पहुंचे।

विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिन स्कूलों में बालिका शौचालय नहीं हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए। उन्होंने स्कूल परिसर और आसपास नशामुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पान, गुटखा और अन्य नशे से जुड़ी दुकानों की जानकारी संबंधित एसडीएम को उपलब्ध कराने तथा नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र बालिकाओं के शत-प्रतिशत एचपीवी टीकाकरण पर विशेष जोर देते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र कोई भी बालिका टीकाकरण से वंचित नहीं रहनी चाहिए।

जिले के बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए उन्होंने विशेष कार्ययोजना तैयार करने, ब्लूप्रिंट आधारित साप्ताहिक, मासिक, त्रैमासिक और अर्धवार्षिक परीक्षाएं आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के लिए अभी से तैयार किया जाए।

बैठक में अपार आईडी (APAAR ID) निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने विशेष शिविर आयोजित कर जिले के सभी विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत अपार आईडी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर देते हुए कलेक्टर ने सभी स्कूलों में नियमित रूप से खेलकूद, योग, सांस्कृतिक, साहित्यिक, विज्ञान, कला एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों के आयोजन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीम भावना और समग्र व्यक्तित्व का विकास होता है।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा, जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य तथा शिक्षा विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय-सीमा में सभी कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए।