पंडरिया, 11 जुलाई (वेदांत समाचार)। पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए जल्द ही आधुनिक तकनीकी शिक्षा का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। विधायक भावना बोहरा की पहल पर विधानसभा क्षेत्र के शासकीय हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल और सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों में “भावना दीदी की साइंस पाठशाला” मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब का शुभारंभ किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन, रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और AR/VR जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विधायक भावना बोहरा ने बताया कि यह अत्याधुनिक मोबाइल टेक्नोलॉजी लैब एक विशेष रूप से तैयार बस में संचालित होगी, जो चरणबद्ध तरीके से पंडरिया विधानसभा के विभिन्न विद्यालयों तक पहुंचेगी। प्रत्येक विद्यालय में 3 से 5 दिनों की कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें पांच अनुभवी प्रशिक्षकों की टीम विद्यार्थियों को बेसिक से लेकर एडवांस स्तर तक आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देगी। प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना का लक्ष्य प्रतिवर्ष 5,000 से अधिक छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ना है। प्रथम चरण में कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे भविष्य की तकनीकी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थी केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं प्राप्त करेंगे, बल्कि स्वयं ड्रोन उड़ाना सीखेंगे, रोबोट संचालित करेंगे, कोडिंग करेंगे, 3डी मॉडल तैयार करेंगे और आधुनिक डिजिटल तकनीकों का व्यवहारिक अनुभव भी हासिल करेंगे। इसके साथ ही उन्हें एयरोमॉडलिंग, 3डी प्रिंटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और वर्चुअल रियलिटी (VR) जैसी उभरती तकनीकों से भी परिचित कराया जाएगा।
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि वर्तमान समय विज्ञान और तकनीक का युग है। यदि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को समय रहते आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जाए, तो वे भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। उनका कहना है कि प्रतिभा किसी शहर या संसाधन की मोहताज नहीं होती, बल्कि सही अवसर और आधुनिक संसाधन मिलने पर गांवों के बच्चे भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि “भावना दीदी की साइंस पाठशाला” का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, रचनात्मकता और तकनीकी कौशल विकसित करना है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें। यह पहल ग्रामीण और शहरी शिक्षा के बीच तकनीकी अंतर को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
भावना बोहरा ने अपनी अन्य शिक्षा संबंधी पहलों का भी उल्लेख करते हुए बताया कि पंडरिया विधानसभा की महाविद्यालयीन छात्राओं के लिए पहले ही 10 निःशुल्क बसों का संचालन किया जा रहा है, जिससे अब तक 1,500 से अधिक छात्राएं लाभान्वित होकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए पंडरिया नगर में ‘लक्ष्य निःशुल्क कोचिंग’ की शुरुआत की गई है, जहां IIT-JEE, NEET और CGPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि “भावना दीदी की साइंस पाठशाला” केवल एक मोबाइल लैब नहीं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का एक अभिनव अभियान है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंडरिया विधानसभा का कोई भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी केवल संसाधनों की कमी के कारण पीछे न रह जाए। इस परियोजना की लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और आगामी कुछ दिनों में इसका औपचारिक शुभारंभ कर विद्यार्थियों को इसका लाभ देना शुरू कर दिया जाएगा।

