बिलासपुर, 11 जुलाई (वेदांत समाचार)। बिलासपुर जिले के तखतपुर स्थित प्रसिद्ध श्री गणेश कॉफी एंड स्वीट्स में शुक्रवार को भीषण आग लगने से लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरे होटल को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में होटल का फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, खाद्य सामग्री और अन्य कीमती सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद होटल से धुएं और आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। आसपास के लोग तत्काल मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उस पर काबू पाना संभव नहीं हो सका। देखते ही देखते आग ने पूरे प्रतिष्ठान को अपनी चपेट में ले लिया और लाखों रुपये का नुकसान हो गया।
घटना के दौरान सबसे बड़ा सवाल फायर ब्रिगेड की उपलब्धता को लेकर खड़ा हुआ। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ी काफी देर से मौके पर पहुंची। जब तक दमकल कर्मी आग बुझाने पहुंचे, तब तक होटल पूरी तरह जल चुका था। लोगों का कहना है कि यदि तखतपुर में स्थायी फायर ब्रिगेड की व्यवस्था होती तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था।
इस अग्निकांड के बाद करीब दो वर्ष पहले की गई मुख्यमंत्री की घोषणा भी एक बार फिर चर्चा में आ गई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने तखतपुर में फायर ब्रिगेड उपलब्ध कराने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक यह व्यवस्था धरातल पर नहीं उतर सकी। हर बार आगजनी की घटनाओं के बाद फायर ब्रिगेड की कमी का मुद्दा उठता है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि तेजी से विकसित हो रहे तखतपुर जैसे नगर में आज भी फायर ब्रिगेड जैसी बुनियादी आपातकालीन सुविधा का अभाव गंभीर चिंता का विषय है। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और प्रशासन की धीमी कार्यशैली के कारण आम लोगों को हर बार भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
फिलहाल प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन होटल संचालक को आर्थिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

