सूरजपुर, 11 जुलाई (वेदांत समाचार)। जिले में अवैध बोल्डर खनन के दौरान हुए दर्दनाक हादसे के बाद जिला प्रशासन ने अवैध खनन और नियम विरुद्ध संचालित स्टोन क्रेशरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन, खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर जिले के तीन स्टोन क्रेशरों को सील कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले जिले में अवैध बोल्डर खनन के दौरान चट्टान अचानक भरभराकर गिर गई थी। हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना ने खनन कार्यों में बरती जा रही लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया। घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अवैध खनन और स्टोन क्रेशरों की व्यापक जांच के निर्देश दिए।
जांच अभियान के तहत खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित खदानों और स्टोन क्रेशरों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्थानों पर खनन नियमों का उल्लंघन, आवश्यक अनुमति के बिना संचालन तथा अन्य अनियमितताएं सामने आईं। जांच में दोषी पाए गए तीन स्टोन क्रेशरों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
प्रशासन का कहना है कि खनन कार्यों में सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। मजदूरों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। बिना वैध अनुमति के खनन, पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी और अवैध रूप से स्टोन क्रेशर संचालन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। बिना अनुमति उत्खनन करने वाले, नियम विरुद्ध खनन करने वाले और अवैध रूप से संचालित क्रेशरों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही खदानों और क्रेशरों का नियमित निरीक्षण कर नियमों के पालन की निगरानी की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं, हालिया हादसे के बाद जिलेभर में खनन गतिविधियों की जांच तेज कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

