'दीदी के गोठ' बना महिला सशक्तिकरण का मजबूत मंच, जांजगीर-चांपा में प्रथम वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन - vedantsamachar.in

‘दीदी के गोठ’ बना महिला सशक्तिकरण का मजबूत मंच, जांजगीर-चांपा में प्रथम वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन

जांजगीर-चांपा, 9 जुलाई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत संचालित ‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर गुरुवार को जिलेभर में विशेष एपिसोड का सामूहिक प्रसारण किया गया। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित हुआ, जहां जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने कार्यक्रम को सामूहिक रूप से सुना। इस दौरान महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, जिला पंचायत सदस्य राजकुमार साहू, आशा साव, उमा राजेंद्र राठौर तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ महिलाओं को जागरूक, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने महिलाओं से अधिक से अधिक सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और अन्य महिलाओं को भी जागरूक करने की अपील की।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे ने कहा कि यह कार्यक्रम महिलाओं के आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने परिश्रम और लगन से यह साबित किया है कि उचित अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर महिलाएं न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज के विकास में अहम योगदान दे सकती हैं।

विशेष एपिसोड के दौरान महिला सशक्तिकरण, स्वावलंबन, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश प्रसारित किए गए। कार्यक्रम के बाद ग्रामीणों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ संवाद भी आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए।

इस अवसर पर कई लखपति दीदियों ने अपनी सफलता की कहानी स्वयं सुनाई। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। आजीविका गतिविधियों, नियमित बचत, ऋण सुविधा और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं से जुड़कर उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने बताया कि अब वे अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा, परिवार की जरूरतों और भविष्य की योजनाओं को आत्मविश्वास के साथ पूरा कर रही हैं।

महिलाओं ने अन्य ग्रामीण महिलाओं से भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने, शासन की योजनाओं का लाभ उठाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।

लखपति दीदियों ने अपनी सफलता का श्रेय बिहान योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं को देते हुए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना, विकसित भारत जी राम जी योजना, शौचालय निर्माण और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जिले की सभी जनपद पंचायतों और ग्राम पंचायतों में भी रेडियो के माध्यम से ‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण किया गया। ग्रामीणों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लेकर महिला सशक्तिकरण के इस अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।