GPM बना महिला सशक्तिकरण का मॉडल: लखपति दीदी अभियान में 90% लक्ष्य हासिल, 9,095 महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर - vedantsamachar.in

GPM बना महिला सशक्तिकरण का मॉडल: लखपति दीदी अभियान में 90% लक्ष्य हासिल, 9,095 महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

रायपुर/गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 07 जुलाई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में चलाए जा रहे लखपति दीदी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित इस अभियान के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के निर्धारित लक्ष्य का 90 प्रतिशत हासिल कर राज्य में एक नई पहचान बनाई है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से हजारों ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर रही हैं।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जीपीएम जिले को 10,124 महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य मिला था। इसके विरुद्ध अब तक 9,095 महिलाएं इस लक्ष्य को हासिल कर चुकी हैं। यह उपलब्धि महिला सशक्तिकरण की दिशा में जिले की बड़ी सफलता मानी जा रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा है कि प्रदेश की महिलाएं केवल परिवार तक सीमित न रहें, बल्कि आर्थिक रूप से मजबूत बनकर समाज और राज्य के विकास में भी सक्रिय भागीदारी निभाएं। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार स्व-सहायता समूहों को वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार के अवसर और विपणन सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।

जिले में वर्तमान में 6,010 स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं। इन समूहों को औसतन 1.92 लाख रुपये प्रति समूह का ऋण उपलब्ध कराया गया है। इस वित्तीय सहायता से कृषि आधारित गतिविधियां, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, लघु उद्योग, हस्तशिल्प, सेवा क्षेत्र तथा अन्य आयवर्धक कार्यों को बढ़ावा मिला है। इसका सीधा लाभ हजारों ग्रामीण महिलाओं को मिला है, जिनकी आय में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।

जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि उद्यमिता विकास, कौशल प्रशिक्षण, बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने और उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी लगातार कार्य कर रहे हैं। इन प्रयासों के चलते जिले की बड़ी संख्या में महिलाएं आज सफल उद्यमी बनकर अपनी अलग पहचान स्थापित कर रही हैं।

लखपति दीदी अभियान ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव का मजबूत माध्यम बनकर उभरा है। इस अभियान ने महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की शक्ति का भी विकास किया है। यही वजह है कि जीपीएम जिला आज महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में राज्य के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर सामने आया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति देना है।