जान हथेली पर रखकर बचा रहे जिंदगियां: रामपुर के तीन युवा बने ग्रामीणों के 'सर्प मित्र', बारिश में कर रहे जहरीले सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू - vedantsamachar.in

जान हथेली पर रखकर बचा रहे जिंदगियां: रामपुर के तीन युवा बने ग्रामीणों के ‘सर्प मित्र’, बारिश में कर रहे जहरीले सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू

कोरबा, 07 जुलाई (वेदांत समाचार)। जिले के करतला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रामपुर चिराईझोरखा के तीन युवा दिलेश्वर पटेल, नारायण पटेल और मोहनलाल पटेल इन दिनों ग्रामीणों के लिए किसी देवदूत से कम साबित नहीं हो रहे हैं। लगातार हो रही बारिश के चलते गांवों और घरों में जहरीले सांप, बिच्छू तथा अन्य विषैले जीव-जंतुओं के निकलने की घटनाएं बढ़ गई हैं। ऐसे में ये तीनों युवा अपनी जान की परवाह किए बिना सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर विषैले सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें जंगल में छोड़ रहे हैं। उनकी इस निस्वार्थ सेवा से जहां ग्रामीणों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है, वहीं वन्यजीव संरक्षण का संदेश भी तेजी से फैल रहा है।

बरसात के मौसम में जलभराव और बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप सुरक्षित स्थान और भोजन की तलाश में घरों, गोठानों, खेतों और आंगनों तक पहुंच जाते हैं। इससे सर्पदंश जैसी गंभीर घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में दिलेश्वर पटेल, नारायण पटेल और मोहनलाल पटेल बिना किसी शुल्क के ग्रामीणों की मदद के लिए तत्काल पहुंचते हैं। वे पूरी सावधानी और अनुभव के साथ सांपों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ देते हैं। इससे न केवल लोगों की जान बच रही है बल्कि सांपों का भी संरक्षण हो रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार तीनों युवाओं ने अब तक कई जहरीले सांपों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है। उनकी तत्परता के कारण कई संभावित हादसे टल चुके हैं। गांव में किसी भी घर या खेत में सांप निकलने की सूचना मिलते ही लोग सबसे पहले इन्हीं सर्प मित्रों से संपर्क करते हैं। उनकी सेवा भावना और साहस की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।

हालांकि यह कार्य बेहद जोखिमभरा है। वर्तमान में तीनों सर्प मित्र सीमित संसाधनों के सहारे ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके पास आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का अभाव है, जिससे हर रेस्क्यू अभियान के दौरान उनकी जान भी खतरे में रहती है। तीनों युवाओं ने वन विभाग, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं से मांग की है कि उन्हें प्रमाणित सुरक्षा दस्ताने, स्नेक हुक, स्नेक बैग, सुरक्षा जूते, टॉर्च और अन्य आवश्यक रेस्क्यू उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। उनका कहना है कि यदि आवश्यक संसाधन और प्रशिक्षण मिल जाए तो वे अधिक सुरक्षित और प्रभावी तरीके से लोगों की सेवा कर सकेंगे।

सर्प मित्रों ने लोगों से भी अपील की है कि बरसात के दौरान यदि घर या आसपास सांप, बिच्छू या अन्य विषैले जीव दिखाई दें तो घबराएं नहीं और न ही उन्हें मारने या स्वयं पकड़ने का प्रयास करें। तत्काल प्रशिक्षित सर्प मित्रों या संबंधित विभाग को सूचना दें, ताकि सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जा सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

ग्रामीणों ने भी प्रशासन और वन विभाग से आग्रह किया है कि ऐसे समाजसेवी युवाओं को प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरण और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उनका मानना है कि इससे मानव जीवन की सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश जैसी घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोका जा सकेगा।