रायगढ़, 4 जुलाई 2026 (वेदांत समाचार)। रायगढ़ पुलिस और जिला प्रशासन ने जिले को नशा एवं सट्टा मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शनिवार को नगर निगम ऑडिटोरियम में “पुलिस जन संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह और कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं, समाजसेवियों, शिक्षाविदों, मीडिया प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर नशामुक्त रायगढ़ बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
दो दिवसीय जनजागरूकता प्रदर्शनी एवं कार्यशाला के समापन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम की थीम “संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़” रही। कार्यक्रम के दौरान नशे और जुआ-सट्टा पर प्रभावी रोकथाम, युवाओं के पुनर्वास, जनभागीदारी और रोजगार से जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर चर्चा हुई।
कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने किया। उन्होंने कहा कि नशा और जुआ-सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों का पूरी तरह उन्मूलन केवल पुलिस कार्रवाई से संभव नहीं है। इसके लिए समाज, प्रशासन और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। इसी उद्देश्य से पुलिस और जिला प्रशासन ने नागरिकों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया है।

नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि नशा किसी भी रूप में समाज के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता। इसके खिलाफ सामाजिक और नैतिक स्तर पर मजबूत माहौल तैयार करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने नागरिकों से अपने-अपने वार्ड और मोहल्लों से नशा विरोधी अभियान शुरू करने तथा पुलिस को समय पर सूचना देकर सहयोग करने की अपील की।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि रायगढ़ अपनी सांस्कृतिक विरासत और संस्कारों के लिए जाना जाता है, लेकिन हाल के दिनों में किशोरों और युवाओं के नशे की गिरफ्त में आने की घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियां गंभीर रूप से प्रभावित होंगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि रायगढ़ पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि नशे की लत छोड़ चुके युवाओं को रोजगार, पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए भी समाज के सहयोग से काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्रिकेट सट्टा और अन्य प्रकार के सट्टों ने कई परिवारों को आर्थिक और सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचाया है, जबकि नशे की वजह से युवा बार-बार अपराध की ओर लौट रहे हैं। इसी सोच के साथ जिले में “संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़” अभियान शुरू किया गया है।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि जिले में नशा और जुआ-सट्टा पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन, पुलिस और समाज को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी सफलता तब होगी जब समाज स्वयं नशे की चपेट में आए लोगों के पुनर्वास और मुख्यधारा में वापसी के लिए आगे आए।
कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि रायगढ़ पुलिस द्वारा अवैध शराब, गांजा, नशीले पदार्थों, जुआ और क्रिकेट सट्टे के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि नशे के कारण सड़क दुर्घटनाएं, चोरी, लूट और अन्य अपराधों में वृद्धि होती है। किशोरों को नशीले पदार्थ उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) के तहत भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में जिला जेल में क्षमता से अधिक बंदी निरुद्ध हैं, जिनमें बड़ी संख्या नशे और जुआ-सट्टा से जुड़े मामलों के आरोपियों की है।
जन संवाद के दौरान नागरिकों और विशेषज्ञों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। इनमें स्कूलों में नशा विरोधी वालंटियर तैयार करना, मेडिकल कॉलेज में डि-एडिक्शन सेंटर की स्थापना, नशा तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी, नशे की चपेट में आए बच्चों की विशेष निगरानी, सोशल मीडिया और व्हाट्सएप सूचना समूह बनाना, स्कूल-कॉलेजों में नियमित जागरूकता अभियान चलाना तथा प्रत्येक गांव में “जन सूचना मित्र” नियुक्त करने जैसे सुझाव शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समाजसेवियों और नागरिकों ने नशा मुक्त रायगढ़ बनाने की शपथ ली और समाज में नशे एवं जुआ-सट्टा के खिलाफ जनजागरूकता अभियान को जनआंदोलन बनाने का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, डीएसपी उन्नति ठाकुर, प्रभात पटेल, उत्तम प्रताप सिंह, सुशांतो बनर्जी सहित जिला प्रशासन, पुलिस विभाग के अधिकारी और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने अपने संदेश में कहा कि “रायगढ़ की पहचान उसके संस्कार हैं, न कि नशा और सट्टा। पुलिस की कार्रवाई तभी स्थायी परिणाम देगी, जब समाज स्वयं आगे आकर नशे और जुआ-सट्टा के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करेगा। हमारा उद्देश्य केवल अपराध रोकना नहीं, बल्कि भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाना भी है।”

