देश के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल की शर्मनाक हरकत - vedantsamachar.in

देश के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल की शर्मनाक हरकत

पुणे,03 जुलाई: केतन अग्रवाल की मौत के मामले की जांच हर दिन के साथ नए मोड़ ले रही है. एक तरफ पुलिस मुख्य आरोपी सिया गोयल को जांच के सिलसिले में उसके घर और अन्य स्थानों पर लेकर पहुंची, वहीं दूसरी ओर कैमरों के सामने उसका एक इशारा भी चर्चा का विषय बन गया. इस बीच जांच में एक तीसरे युवक का नाम भी सामने आया है. पुलिस सूत्रों का दावा है कि यह युवक मुख्य आरोपी चेतन चौधरी का क्लासमेट है और उसे घटना से पहले पूरी प्लानिंग बताई गई थी.

गुरुवार को जब पुलिस सिया गोयल को उसके घर से बाहर लेकर निकली, तब मीडिया के कैमरे पहले से मौजूद थे. इसी दौरान सिया ने कैमरों की ओर मीडिल फिंगर दिखाकर इशारा किया. इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा शुरू हो गई. हालांकि, पुलिस की ओर से इस व्यवहार पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है और जांच का फोकस फिलहाल हत्या के मामले पर ही बना हुआ है. वहीं पुणे ग्रामीण पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले की हर कड़ी जोड़ने में जुटी है. पुलिस के अनुसार, अब तक जुटाए गए सबूतों की जांच की जा रही है, जबकि घटनाक्रम को समझने के लिए सिया और चेतन को अलग-अलग ले जाकर घटनास्थल पर रिक्रिएशन कराया गया. सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान एक ऐसे युवक का नाम सामने आया है, जो चेतन चौधरी का क्लासमेट बताया जा रहा है. वह मूल रूप से महाराष्ट्र के बीड जिले का रहने वाला है और फिलहाल पुणे के बालेवाड़ी स्थित एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है.

सूत्रों का दावा है कि चेतन और सिया ने इस युवक से केतन को रास्ते से हटाने की प्लानिंग बताई थी. इतना ही नहीं, उसे 18 जून को लोहागढ़ किले पर चलने के लिए भी कहा गया था, लेकिन वह उनके साथ नहीं गया. पुलिस फिलहाल इन दावों की पुष्टि के लिए उससे पूछताछ कर रही है. पुणे ग्रामीण पुलिस गुरुवार सुबह सिया गोयल को उस स्थान पर लेकर गई, जहां पुलिस के अनुसार उसने और चेतन ने कथित तौर पर पहले से अभ्यास किया था कि लोहागढ़ किले पर किसी व्यक्ति को चट्टान से कैसे धक्का दिया जा सकता है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह स्थान पुणे के लुल्लानगर इलाके में एक क्लब के पास स्थित है. जांच के दौरान सिया ने उस जगह की पहचान की, जहां कथित तौर पर यह रिहर्सल हुई थी. पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह कथित रिहर्सल मई महीने में किस तारीख को हुई थी और उस समय वहां कौन-कौन मौजूद था. जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुणे ग्रामीण पुलिस ने वडगांव मावल अदालत में सिया गोयल और चेतन चौधरी का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगी है.

पुलिस का कहना है कि अदालत की प्रक्रिया पूरी होने और आरोपियों की सहमति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी. पॉलीग्राफ टेस्ट के जरिए जांच एजेंसियां पूछताछ के दौरान दिए गए बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के बीच सामंजस्य की जांच करना चाहती हैं. पुलिस ने सिया के पुणे स्थित घर की तलाशी के दौरान वे कपड़े भी बरामद किए हैं, जिन्हें पुलिस के अनुसार उसने 18 जून को पहना था. इन कपड़ों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि उपलब्ध अन्य सबूतों से उनका मिलान किया जा सके. जांच अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में बड़ी मात्रा में तकनीकी और डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं. इनमें मोबाइल फोन का डेटा, लोकेशन, कॉल डिटेल, चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड शामिल हैं. इन सभी की फोरेंसिक जांच की जा रही है ताकि घटनाक्रम की सटीक टाइमलाइन तैयार की जा सके.