चेन्नई, 25 जून । तमिलनाडु सरकार ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने और सरकारी अस्पतालों में प्रसव को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक नई और महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले प्रत्येक नवजात शिशु को 1 ग्राम सोने की अंगूठी प्रदान की जाएगी।
राज्य सरकार ने इस योजना का नाम ‘थाई मामन गोल्ड रिंग योजना’ रखा है। सरकार का मानना है कि यह पहल गर्भवती महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देगी। साथ ही, इससे सरकारी अस्पतालों में लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।
जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु सरकार इस योजना पर हर वर्ष लगभग 755.83 करोड़ रुपये खर्च करेगी। यह राशि नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी उपलब्ध कराने के साथ-साथ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर खर्च की जाएगी।
सरकार का कहना है कि राज्य में पहले से ही मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। नई योजना इन प्रयासों को और मजबूती प्रदान करेगी। अधिकारियों के मुताबिक, सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने वाली महिलाओं और उनके परिवारों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की प्रोत्साहन योजनाएं ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित कर सकती हैं। इससे प्रसव के दौरान होने वाले जोखिमों में कमी आएगी और नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
तमिलनाडु सरकार की यह पहल देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। माना जा रहा है कि यदि योजना सफल रहती है तो अन्य राज्य भी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए इसी तरह की योजनाओं पर विचार कर सकते हैं।

