नई दिल्ली,25 जून : England Into Semi-Final, Women’s T20 World Cup 2026: कहते हैं कि क्रिकेट में ‘कैच छोड़ो, मैच छोड़ो’ का नियम चलता है, लेकिन महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड की महिला टीम ने इस कहावत को पूरी तरह से झुठला दिया. टूर्नामेंट में अब तक सबसे खराब फील्डिंग करने और सबसे ज्यादा कैच टपकाने के बावजूद इंग्लैंड की टीम ने सबसे पहले सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया है. ग्रुप-2 के इस अहम मुकाबले में वेस्टइंडीज पर जीत दर्ज करने के साथ ही इंग्लिश टीम टॉप-4 में जगह बनाने में कामयाब रही. इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज को 38 रनों से हराया और लगातार चौथी जीत हासिल की.
डैनी वायट हॉज की तूफानी पारी
ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए इस मैच में वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर इंग्लैंड को पहले बल्लेबाजी के लिए न्योता दिया. लेकिन इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और सलामी बल्लेबाज एमी जोन्स पहले ही ओवर में पवेलियन लौट गईं. इसके बाद सलामी बल्लेबाज डैनी वायट हॉज ने मैदान संभाल लिया. शानदार फॉर्म में चल रही वायट हॉज ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की क्लास लगाते हुए सिर्फ 32 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया. उन्होंने एलिस कैपसी (28 रन) के साथ 66 रनों की मजबूत साझेदारी की.
डैनी वायट ने 42 गेंदों में 65 रनों की मनोरंजक पारी खेली. उनके अलावा अनुभवी हीथर नाइट ने भी तेज तर्रार 43 रन जोड़े. हालांकि, पारी के 16वें ओवर में डैनी वायट और उसके बाद हीथर नाइट रनआउट का शिकार हो गईं, जिसके चलते पारी के अंत में थोड़ी अफरा-तफरी मची. इसके बावजूद इंग्लैंड ने 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 186 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. यह लॉर्ड्स के मैदान पर महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है.
कुछ खास नहीं रही वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी
इस टारगेट के जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 20 ओवर में 5 विकेट पर 148 रन ही बना सकी और उसे टूर्नामेंट की पहली हार का सामना करना पड़ा. इस दौरान डिआंड्रा डॉटिन ने 19 रन बनाए और अच्छी शुरुआत की, लेकिन वो लंबी पारी नहीं खेल सकीं. मिडिल ऑर्डर में चिनेल हेनरी ने एक छोर संभाले रखा और उन्होंने आखिरी ओवर में छक्का जड़कर सिर्फ 30 गेंदों में नाबाद 51 रनों की शानदार पारी खेली. लेकिन दूसरी तरफ से सहयोग न मिलने के कारण वेस्टइंडीज की टीम टारगेट से दूर रह गई. वहीं, इंग्लैंड की ओर से चार्ली डीन ने कप्तानी संभालते हुए 31 रन देकर 2 विकेट लिए.
कैच छोड़ने में नंबर-1 है इंग्लैंड की टीम
इस वर्ल्ड कप में इंग्लैंड की फील्डिंग का लेवल काफी खराब रहा है. आंकड़ों पर नजर डालें तो इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा कैच छोड़ने के मामले में इंग्लैंड की टीम टॉप पर काबिज है. इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने अब तक टूर्नामेंट में कई बड़ी गलतियां की हैं. इंग्लैंड की टीम ने अपने आधे के करीब (लगभग 48.4%) कैच के मौके गंवाए हैं, जो किसी भी टॉप टीम के लिए काफी चिंताजनक आंकड़े हैं. वहीं, इस मामले में भारतीय टीम 70.8% कैचिंग सफलता दर के साथ बाकी टीमों से काफी बेहतर स्थिति में दिख रही है.
किस टीम ने छोड़े कितने कैच?
इंग्लैंड: 15 कैच ड्रॉप (कैचिंग प्रतिशत सिर्फ 51.6%)
न्यूजीलैंड: 14 कैच ड्रॉप (कैचिंग प्रतिशत 41.6%)
वेस्टइंडीज: 9 कैच ड्रॉप (कैचिंग प्रतिशत 67.8%)
नीदरलैंड्स: 9 कैच ड्रॉप (कैचिंग प्रतिशत 50.0%)
श्रीलंका: 7 कैच ड्रॉप (कैचिंग प्रतिशत 63.1%)
भारत: 7 कैच ड्रॉप (कैचिंग प्रतिशत 70.8%)

