दिल्ली,25 जून । यमुना बाजार इलाके में इस समय बुलडोजर एक्शन जारी है. दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई तेज कर दी है. अतिक्रम पर बुलडोजर चलाने से पहले DDMA ने यहां के 300 से ज्यादा घरों को खाली करने का नोटिस जारी किया था. दरअसल, यमुना बाजार इलाका यमुना की ‘ओ-जोन’ बेल्ट के अंतर्गत आता है. सरकार की तरफ से नियमों के मुताबिक यमुना की इस पूरी बेल्ट पर किसी भी तरह के अतिक्रमण की इजाजत नहीं है. इसके बावजूद यहाँ बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण कर लिया गया था.
यमुना बाजार से आ रही तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि वहां बुलडोजर की कार्रवाई चल रही है. ऐसे में लोग अब अपने घरों से अपना जरूरी सामान बाहर निकालते हुए नजर आए. पिछले कई सालों से यहां लगभग 300 परिवार रह रहे थे. यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि वो लगभग सौ साल से भी ज्यादा वक्त से इस जगह पर रह रहे हैं. उनकी मानें तो वो बहुत पुराने समय से यहां हैं, इसलिए उनको यहां से नहीं हटाया जाना चाहिए. प्रशासन के पास इस कार्रवाई को करने की एक बेहद ठोस वजह है. जब भी मानसून के दौरान दिल्ली में बाढ़ का खतरा मंडराता है और यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाता है, तो सबसे पहले यही वो इलाका है जो डूब क्षेत्र में आता है.
बाढ़ आने पर सबसे ज्यादा पानी इसी इलाके में भर जाता है. ऐसी खतरनाक स्थिति में यहां रहने वाले तमाम लोगों को सरकार की तरफ से बाहर सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करना पड़ता है. प्रशासन का ये भी मानना है कि इस इलाके में बने कई सारे मकान काफी जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं. जब भी यमुना में बाढ़ आती है, तो उस वक्त इन जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों की जान काफी खतरे में रहती है. लोगों की जान-माल की सुरक्षा को देखते हुए सरकार इस इलाके को खाली करा रही है.

