बड़ी खबर : कोलकाता के ताराताला में बड़ा हादसा, फैक्ट्री गोदाम का शेड ढहा, 5 की मौत, 40 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका - vedantsamachar.in

बड़ी खबर : कोलकाता के ताराताला में बड़ा हादसा, फैक्ट्री गोदाम का शेड ढहा, 5 की मौत, 40 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका

कोलकाता, 24 जून। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ताराताला इलाके में मंगलवार को एक बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। यहां निर्माणाधीन फैक्ट्री गोदाम का विशाल टिन शेड अचानक ढह जाने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत की सूचना है, जबकि कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि 40 से 45 लोग अभी भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं।

घटना के बाद मौके पर दमकल विभाग, पुलिस और आपदा राहत दल की कई टीमें पहुंचीं और युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। स्थानीय निवासी भी राहत और बचाव कार्य में प्रशासन की मदद कर रहे हैं। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ताराताला क्षेत्र में एक बड़े फैक्ट्री गोदाम का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान गोदाम का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि मजदूरों ने किसी तरह उसे संभालने और ढांचे को दोबारा जोड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान पूरा टिन शेड और लोहे का ढांचा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के समय बड़ी संख्या में मजदूर और कर्मचारी गोदाम के भीतर मौजूद थे, जिससे जनहानि बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। गोदाम के भीतर अस्थायी कार्यालय भी बनाया गया था, जहां कुछ कर्मचारी और मजदूर मौजूद थे। कई लोग निर्माण कार्य में लगे हुए थे, जबकि कुछ लोग कार्यालय क्षेत्र में बैठे हुए थे। इसी बीच पूरा ढांचा गिर गया और दर्जनों लोग मलबे में दब गए।

हादसे के बाद का दृश्य बेहद भयावह बताया जा रहा है। टिन की भारी चादरें और विशाल लोहे के बीम मजदूरों के ऊपर गिर गए। कई लोग लोहे के ढांचे के नीचे दब गए, जिससे उनके हाथ-पैर और सिर गंभीर रूप से घायल हो गए। बचाव दल क्रेन और गैस कटर की मदद से लोहे के बीम हटाकर लोगों को बाहर निकालने का प्रयास कर रहा है।

राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। प्रशासन ने आसपास के इलाके को सुरक्षा कारणों से घेर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मलबा हटाने के बाद ही फंसे हुए लोगों की वास्तविक संख्या और हादसे के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था। फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनाव और शोक का माहौल है, जबकि परिजनों की नजरें बचाव अभियान पर टिकी हुई हैं।