छत्तीसगढ़ में बहुमंजिला भवनों, कोचिंग सेंटरों और होटलों का होगा सुरक्षा ऑडिट, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिए सख्त निर्देश - vedantsamachar.in

छत्तीसगढ़ में बहुमंजिला भवनों, कोचिंग सेंटरों और होटलों का होगा सुरक्षा ऑडिट, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिए सख्त निर्देश

रायपुर, 24 जून 2026 (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ में जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्यभर के बहुमंजिला आवासीय भवनों, कोचिंग संस्थानों, होटलों, लॉज, मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुई अग्नि दुर्घटनाओं और सुरक्षा संबंधी घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने व्यापक जांच अभियान शुरू करने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा कोई भी विषय शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त न किया जाए और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव विकास शील ने राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगरपालिका अधिकारियों, अग्निशमन विभाग तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को विशेष निरीक्षण अभियान संचालित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत राज्यभर में बहुमंजिला आवासीय परिसरों, कोचिंग सेंटरों, ट्यूशन कक्षाओं, होटलों, लॉज, शॉपिंग मॉल, व्यावसायिक परिसरों और अन्य सार्वजनिक भवनों का विस्तृत सुरक्षा परीक्षण किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान भवनों में उपलब्ध अग्निशमन यंत्रों और फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थिति की जांच की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि संबंधित भवनों के पास वैध फायर एनओसी है या नहीं। आपातकालीन निकास मार्गों की उपलब्धता और उनकी उपयोगिता का परीक्षण किया जाएगा ताकि किसी आपदा की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

इसके अलावा भवनों की संरचनात्मक मजबूती, विद्युत वायरिंग और विद्युत उपकरणों की स्थिति, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, प्राथमिक उपचार सुविधाएं, पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था की भी जांच होगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सभी संस्थान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें और आम लोगों को किसी भी प्रकार का जोखिम न हो।

जांच के दौरान भवनों की क्षमता के अनुरूप लोगों की संख्या, पार्किंग व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का भी मूल्यांकन किया जाएगा। विशेष रूप से यह देखा जाएगा कि किसी आपात स्थिति में निकासी और राहत कार्य कितनी प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान जहां भी कमियां पाई जाएं, वहां संबंधित संस्थानों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए जाएं। वहीं गंभीर अनियमितता या सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मामलों में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

राज्य सरकार का मानना है कि सुरक्षा मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन से संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है। इसी उद्देश्य से राज्यभर में यह विशेष सुरक्षा ऑडिट अभियान चलाया जाएगा, जिससे सार्वजनिक और व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।