राष्ट्रीय दिव्यांगजन सशक्तिकरण पुरस्कार 2026 के लिए आवेदन शुरू, 31 जुलाई तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन - vedantsamachar.in

राष्ट्रीय दिव्यांगजन सशक्तिकरण पुरस्कार 2026 के लिए आवेदन शुरू, 31 जुलाई तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

रायपुर, 23 जून 2026 (वेदांत समाचार)। दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, पुनर्वास और सामाजिक समावेशन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों, संस्थाओं और संगठनों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त करने का अवसर उपलब्ध हुआ है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने विश्व दिव्यांग दिवस 2026 के अवसर पर प्रदान किए जाने वाले राष्ट्रीय पुरस्कारों हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक उम्मीदवार और संस्थाएं 31 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

इन राष्ट्रीय पुरस्कारों का वितरण 3 दिसंबर 2026 को विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर किया जाएगा। पुरस्कारों का उद्देश्य दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और उन्हें प्रोत्साहित करना है।

मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। इच्छुक व्यक्ति, संस्थाएं, संगठन तथा कर्मचारी राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर निर्धारित समयावधि के भीतर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। पुरस्कारों के माध्यम से उन प्रयासों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

राष्ट्रीय पुरस्कारों के अंतर्गत कई श्रेणियां शामिल की गई हैं। इनमें दिव्यांगजन सशक्तिकरण, पुनर्वास सेवाएं, कौशल विकास, रोजगार सृजन, सुगम्यता को बढ़ावा देने, अनुसंधान एवं नवाचार, खेल, कला, साहित्य और अन्य संबंधित क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां एवं योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा।

समाज कल्याण विभाग ने पात्र व्यक्तियों, गैर-सरकारी संगठनों, संस्थाओं और अन्य हितधारकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करें और इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत करें। विभाग का मानना है कि ऐसे पुरस्कार न केवल उत्कृष्ट कार्यों को पहचान दिलाने का माध्यम हैं, बल्कि समाज में दिव्यांगजन अधिकारों, समान अवसरों और समावेशी विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय पुरस्कारों के माध्यम से दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्यरत प्रेरणादायी व्यक्तित्वों और संस्थाओं को नई पहचान मिलेगी, जिससे देशभर में इस क्षेत्र में नवाचार, सेवा और समर्पण की भावना को और अधिक बल मिलेगा।