कोरबा,22 जून (वेदांत समाचार)। वन मंडल कोरबा के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए वर्षा ऋतु 2026 में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कार्य संपादित किए जाने हैं। इसके तहत दांडिक क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण, क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण एवं अन्य मदों के अंतर्गत मुख्य रूप से वानिकी प्रजाति के पौधों का रोपण किया जाएगा। इस वृहद परियोजना को पूरी तकनीकी सटीकता के साथ धरातल पर उतारने के लिए वन मंडल स्तरीय एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
2 लाख 64 हजार पौधों के रोपण का लक्ष्यइस वर्ष कोरबा वन मंडल के पांच वन परिक्षेत्रों—बालको, कोरबा, पसरखेत, कुदमुरा और करतला—में कुल 2,64,000 पौधों के रोपण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।वानिकी कैलेंडर और सुरक्षा पर रहेगा विशेष जोरवृक्षारोपण को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए वन विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर रणनीतिक चर्चा की गई:समयबद्ध काय:वानिकी कैलेंडर के अनुसार सही समयावधि में ही रोपण कार्य सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही पौधों के जीवित रहने की दर (सर्वाइवल रेट) बढ़ाने के लिए निर्धारित समय पर ही प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय निंदाई का कार्य संपन्न कराया जाएगा।आधुनिक सुरक्षा घेरा:पौधों को मवेशियों और बाहरी खतरों से बचाने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
इसके लिए विशेष तौर पर प्री-स्ट्रेस पोल् के साथ चेनलिंक फेंसिंग का कार्य कराया जाना प्रस्तावित है।पौधों की सेहत और पोषण: पौधों की त्वरित और अच्छी वृद्धि के लिए जैविक एवं कार्बनिक खाद के समुचित उपयोग का विशेष प्रावधान किया गया है।मैदानी अमले को मिला ‘ऑन-फील्ड’ प्रैक्टिकल प्रशिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम में पांचों रेंज के रोपण प्रभारी और रोपण सहायक मुख्य रूप से उपस्थित रहे। स्टाफ को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि फील्ड में ले जाकर भौतिक रूप से वृक्षारोपण की बारीकियाँ समझाई गईं, जैसे:पौधों का सही प्रकार से रोपण कैसे किया जाए।प्रति पौधा कितनी मात्रा में जैविक, कार्बनिक खाद दी जानी है।सिंचाई की सही पद्धति और वैज्ञानिक तरीके से थाला निर्माण।
निंदाई को सफलतापूर्वक संपन्न करने के तरीके।अभिलेखों (रिकॉर्ड) का होगा सटीक संधारण कार्य की मॉनिटरिंग को मजबूत करने के लिए वृक्षारोपण पंजी के सही समयावधि में संधारण को लेकर व्यापक चर्चा की गई। सभी रोपण प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर एक गतिविधि का दस्तावेजीकरण और अभिलेखों का संधारण पूरी शुद्धता के साथ करें।इस व्यावहारिक प्रशिक्षण से वन मंडल के मैदानी स्टाफ में प्लांटेशन की बारीकियों को लेकर एक बेहतर समझ विकसित हुई है, जिससे आगामी वर्षा ऋतु में होने वाले इस महाअभियान को पूरी सफलता के साथ पूरा किया जा सके। भूजल संरक्षण और वनों के सुधार हेतु मैदानी अमले को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण_सभी 6 परिक्षेत्रों के कूप प्रभारियों और कूप सहायकों ने सीखीं तकनीकी बारीकियाँ; ‘खेतार’ में लेआउट कर दूर की गईं शंकाएँ…कोरबा वन मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी छह परिक्षेत्रों—बालको, कोरबा, लेमरू, पसरखेत, कुदमुरा और करतला में वनों के संवर्धन, संरक्षण और भूजल स्तर को सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण और व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बालको परिक्षेत्र के खेतार में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वन क्षेत्रों में विभिन्न तकनीकी कार्यों में शत-प्रतिशत गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित करना है।तकनीकी बारीकियों और लेआउट पर रहा जोरइस प्रशिक्षण के दौरान संरक्षण कार्यवृत्त , सहायक प्राकृतिक पुनरुत्पादन तथा बिगड़े वनों का सुधार कार्यवृत्त के तहत किए जाने वाले भूजल संरक्षण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
मैदानी अमले को भूजल संधारण संरचनाओं जैसे लूज बोल्डर चेक डैम्स और- स्टेगड़ कंटूर ट्रेंच ?के निर्माण की तकनीकी बारीकियों को गहराई से समझाया गया। एनआरएम इंजीनियर द्वारा खेतार के स्थल पर स्वयं लेआउट तैयार कर, कार्य को प्रैक्टिकल रूप से करके दिखाया गया। इससे कूप प्रभारियों और कूप सहायकों के मन में कार्य प्रणाली को लेकर किसी भी प्रकार की अस्पष्टता नहीं रहीयह संपूर्ण व्यावहारिक प्रशिक्षण वनमंडलाधिकारी कोरबा, उपवनमंडलाधिकारी दक्षिण कोरबा, उपवनमंडलाधिकारी उत्तर कोरबा सहित संबंधित रेंजों के परिक्षेत्र अधिकारियों और उनके अधीनस्थ स्टाफ की प्रत्यक्ष उपस्थिति में संपन्न हुआ। अधिकारियों ने मैदानी अमले को मार्गदर्शन देते हुए सख्त निर्देश दिए कि फील्ड में कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी त्रुटि न हो। _अभिलेखीकरण और ड्रोन फोटोग्राफी का प्रशिक्षणकार्यों की उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के लिए इस बार तकनीकी संधारण पर विशेष जोर दिया गया है। प्रशिक्षण में स्टाफ को सिखाया गया कि:कार्यों के अभिलेखों का संधारण पूरी सटीकता से कैसे किया जाए।प्रगतिरत कार्यों की हाई डेफिनेशन फोटोग्राफी कैसे की जाए।कार्य की वास्तविक स्थिति दर्शाने के लिए ड्रोन फोटोग्राफी का उपयोग किस प्रकार से किया जाना है।प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है.
कि कोरबा वन मंडल में होने वाले जल और मृदा संरक्षण कार्य अपनी गुणवत्ता और मात्रा में 100सटीक हों। ग्रिड पॉइंट सर्वे का व्यावहारिक प्रशिक्षणके सभी छह वन परिक्षेत्रों के कूप प्रभारी और कूप सहायकों ने जंगल में सीखा तकनीकी कौशल_सूक्ष्म जीवों (माइक्रोब्स) से लेकर वन्यजीवों और वनस्पतियों के संरक्षण के लिए तैयार होगी सटीक विस्तृत परियोजना प्रतिवेदनकोरबा वन मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी छह वन परिक्षेत्रों—कोरबा, बालको, लेमरू, करतला, कुदमुरा और पसरखेत—के कूप प्रभारियों एवं कूप सहायकों के लिए वन परिक्षेत्र बालको के खेतार जंगल में एक दिवसीय सघन व्यावहारिक एवं मैदानी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

