जांजगीर-चांपा,21 जून (वेदांत समाचार) । खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग लगातार निगरानी और निरीक्षण कर रहा है। निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर विभाग ने जिले के कई निजी कृषि केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने बताया कि जिला एवं विकासखंड स्तर के उर्वरक निरीक्षकों द्वारा निजी कृषि केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।
इसी क्रम में मेसर्स राजेश ट्रेडर्स नवागढ़, मेसर्स पटेल कृषि केन्द्र तुस्मा, मेसर्स रोशन कुमार अग्रवाल पोड़ी, मेसर्स विकास ट्रेडर्स खरौद तथा मेसर्स प्रकाश कृषि केन्द्र खरौद के निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं।
जांच में पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक स्टॉक में अंतर, किसानों को सत्यापित कैश मेमो जारी नहीं करना, लाइसेंस प्रदर्शित नहीं करना, उर्वरक वितरण रजिस्टर का संधारण नहीं करना तथा निर्धारित मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं किए जाने जैसी खामियां पाई गईं।
कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद भी संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर इन पांचों प्रतिष्ठानों के उर्वरक विक्रय लाइसेंस 21 दिनों के लिए निलंबित कर दिए गए हैं।
वहीं विकासखंड अकलतरा स्थित मेसर्स अभिषेक एग्रो, कटनई के निरीक्षण में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। पॉस मशीन में दर्ज उर्वरक के अनुरूप भौतिक स्टॉक उपलब्ध नहीं पाया गया।
इसके अलावा प्रतिष्ठान द्वारा पिछले दो वर्षों से उर्वरक व्यवसाय संचालित नहीं किए जाने की जानकारी भी मिली। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन के चलते संबंधित प्रतिष्ठान का उर्वरक विक्रय लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर दिया गया है।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की सुरक्षा तथा उर्वरकों की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
विभाग ने उर्वरक विक्रेताओं को नियमों का पालन करने और पारदर्शी तरीके से उर्वरक वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

