पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक संकट और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सोमवार, 15 जून 2026 को घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। सुरक्षित निवेश की ओर निवेशकों के तेजी से भागने के कारण दोनों कीमती धातुएं अपने उच्चतम स्तर पर कारोबार कर रही हैं, जिसका सीधा असर खुदरा आभूषण खरीदारों की जेब पर पड़ रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पिछले कारोबारी सत्र के आंकड़े स्पष्ट गवाही दे रहे हैं कि बाजार में भारी उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। एमसीएक्स पर सोने का भाव 1,50,675 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह चांदी ने भी जोरदार छलांग लगाते हुए 2,46,604 रुपये प्रति किलोग्राम पर अपना बंद भाव दर्ज किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति और भी आक्रामक है। कॉमेक्स बाजार में सोना 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 4,239.90 डॉलर प्रति औंस तक जा पहुंचा। वहीं, चांदी ने 6 प्रतिशत से ज्यादा की उड़ान भरी और यह 68.120 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की ओर से जारी ताजा अपडेट के अनुसार, बाजार में शुद्धता के आधार पर अलग-अलग रेट तय किए गए हैं। प्रति ग्राम के हिसाब से 24 कैरेट (999) सोने का भाव 14,780 रुपये है। वहीं 22 कैरेट की कीमत 14,425 रुपये, 20 कैरेट की 13,154 रुपये, 18 कैरेट की 11,972 रुपये और 14 कैरेट सोने की कीमत 9,533 रुपये प्रति ग्राम निर्धारित की गई है।
महानगरों के स्थानीय बाजारों में भी आज कीमतों की तपिश महसूस की जा रही है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 14,923 रुपये और 22 कैरेट 13,680 रुपये प्रति ग्राम है, जबकि चांदी 2,60,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रही है। मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में 24 कैरेट सोने की कीमत एक समान 14,908 रुपये और 22 कैरेट की 13,665 रुपये प्रति ग्राम पर स्थिर है, जहाँ चांदी का भाव भी 2,60,000 रुपये प्रति किलो ही है। वहीं चेन्नई के सर्राफा बाजार में कीमतें देश में सबसे अधिक हैं; यहाँ 24 कैरेट सोना 15,120 रुपये प्रति ग्राम और चांदी 2,70,000 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर पहुंच गई है। अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने के दाम 14,913 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किए गए हैं।
अमेरिका-ईरान कूटनीति तय करेगी बाजार की चाल
बाजार विशेषज्ञों का आकलन है कि आगामी दिनों में कीमती धातुओं और कच्चे तेल की दिशा पूरी तरह से अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक गतिविधियों पर निर्भर करेगी। यदि दोनों देशों के मध्य किसी प्रकार के समझौते की दिशा में सकारात्मक प्रगति होती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आएगी और कमोडिटी बाजार को एक मजबूत आधार मिलेगा। विपरीत परिस्थिति में, यदि कूटनीतिक तनाव और बढ़ता है, तो निवेशक सुरक्षित पनाहगाह के रूप में सोने की खरीद तेज कर देंगे जिससे कीमतों में और भीषण उछाल आ सकता है।
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सर्राफा बाजार पूरी तरह से वैश्विक घटनाओं के अधीन है। स्थानीय करों और ज्वेलरी मेकिंग चार्ज के कारण शहर-दर-शहर कीमतों में बदलाव जारी रहेगा, जो सीधे तौर पर ग्राहकों के लिए अंतिम खरीद कीमत को प्रभावित कर रहा है।

