धमतरी, 13 जून (वेदांत समाचार)। मानवता की सेवा में जुटी एम्बुलेंस पर हमला करना और उसके चालक के साथ मारपीट करना तीन युवकों को भारी पड़ गया। धमतरी जिले की कुरूद पुलिस ने एम्बुलेंस चालक से दुर्व्यवहार, मारपीट और वाहन में तोड़फोड़ कर लाखों रुपये की क्षति पहुंचाने वाले तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 8 जून 2026 की रात ग्राम उमरदा गौठान के पास हुए एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी। घटना की सूचना मिलने पर वंदे मातरम परिवार समिति की एम्बुलेंस क्रमांक CG 05 15001 के चालक राधेश्याम निर्मलकर मौके पर पहुंचे थे।
घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोगों ने एम्बुलेंस के कथित रूप से देर से पहुंचने को लेकर चालक के साथ विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि तीनों युवकों ने चालक के साथ अश्लील गाली-गलौच की, जान से मारने की धमकी दी और हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इतना ही नहीं, आरोपियों ने एम्बुलेंस में जमकर तोड़फोड़ भी की।
तोड़फोड़ के दौरान एम्बुलेंस का सामने का कांच, बोनट, एंटीगेटर समेत कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे वाहन को लगभग एक लाख रुपये का नुकसान पहुंचा। घटना के बाद चालक की शिकायत पर थाना कुरूद में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने प्रकरण में अपराध क्रमांक 177/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा चिकित्सा सेवक एवं चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा तथा संपत्ति की क्षति या हानि की रोकथाम) अधिनियम 2010 के तहत कार्रवाई की।
जांच के दौरान पुलिस ने पीड़ित चालक और प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान दर्ज किए। साथ ही घटनास्थल का निरीक्षण, वीडियो फुटेज की जांच और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पहचान परेड की कार्रवाई की गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद तीनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में रमन दीवान (30 वर्ष), तामेश्वर पटेल (33 वर्ष) और फनेन्द्र उर्फ विक्की चंद्राकर (25 वर्ष) शामिल हैं। तीनों आरोपी ग्राम उमरदा, थाना कुरूद, जिला धमतरी के निवासी हैं।
पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में बाधा पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि एम्बुलेंस, स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सा सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के कार्य में किसी प्रकार की बाधा न डालें। आपातकालीन सेवाएं लोगों की जान बचाने के लिए कार्य करती हैं और इनके साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या दुर्व्यवहार कानूनन अपराध है।

