बलौदाबाजार में यातायात व्यवस्था सुधारने पुलिस की पहल, ट्रांसपोर्टरों और बस संचालकों के साथ हुई समन्वय बैठक - vedantsamachar.in

बलौदाबाजार में यातायात व्यवस्था सुधारने पुलिस की पहल, ट्रांसपोर्टरों और बस संचालकों के साथ हुई समन्वय बैठक

बलौदाबाजार, 10 जून (वेदांत समाचार)। जिले में यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा पुलिस लाइन स्थित कम्युनिटी हॉल में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में ट्रांसपोर्टर, बस संचालक, सड़क सुरक्षा मितान और यातायात विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा ने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यातायात नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले, लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने वाले तथा दूसरों की जान जोखिम में डालने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने सभी वाहन मालिकों और परिवहन संचालकों को वाहनों की नियमित फिटनेस जांच कराने और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग और अनधिकृत पार्किंग जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। एसपी शर्मा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन आवश्यक है और इसमें प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।

बैठक के दौरान ग्राम दरचुरा में हुए भीषण सड़क हादसे के दौरान मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देकर घायलों की जान बचाने वाले चार गुड सेमेरिटन नागरिकों को सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक ने लोकेश साहू, मोहम्मद शाहिद रजा, मनोज माण्डे और नारायण पाल को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इन लोगों ने दुर्घटना के तुरंत बाद तत्परता दिखाते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी।

इस अवसर पर एसपी ओपी शर्मा ने सड़क दुर्घटनाओं में ‘गोल्डन ऑवर’ के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा घायल व्यक्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि इस दौरान समय पर चिकित्सा सहायता मिल जाए तो गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की जान बचाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना होने पर लोग बिना किसी भय या कानूनी झंझट की चिंता किए घायलों की मदद करें और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि मानवता के इस कार्य से किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है और प्रशासन भी ऐसे मददगार नागरिकों को प्रोत्साहित करता है।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार, उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) संजय साहू, यातायात शाखा के अधिकारी, बस एसोसिएशन के पदाधिकारी, ट्रांसपोर्टर और सड़क सुरक्षा से जुड़े कई प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी उपस्थित लोगों ने जिले में सुरक्षित, सुव्यवस्थित और बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया।