सक्ती, 10 जून (वेदांत समाचार)। जिले के मालखरौदा थाना क्षेत्र के ग्राम सेंदुरस में हुए चर्चित पति-पत्नी दोहरे हत्याकांड का सक्ती पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया कि यही दोनों आरोपी वर्ष 2024 में मुक्ता गांव में हुए एक अन्य दोहरे हत्याकांड के भी जिम्मेदार हैं। मामले में लूटे गए सोने के आभूषण खरीदने वाले सराफा व्यापारी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार 2-3 जून 2026 की दरम्यानी रात ग्राम सेंदुरस में अपने घर में सो रहे पुरूषोत्तम खुंटे और उनकी पत्नी गुहरिन बाई खुंटे की अज्ञात आरोपियों ने सिर और चेहरे पर भारी वस्तु से हमला कर निर्मम हत्या कर दी थी। घटना के बाद मृतिका के सोने के आभूषण, नकदी और मोबाइल फोन भी गायब मिले थे, जिससे हत्या के साथ लूट की वारदात की आशंका जताई गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर स्वयं घटनास्थल पहुंचे और जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल तथा एसडीओपी डॉ. भुवनेश्वरी पैंकरा के नेतृत्व में विभिन्न थाना प्रभारियों, साइबर सेल, डॉग स्क्वॉड, फोरेंसिक और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की टीम ने लगातार पांच दिनों तक जांच अभियान चलाया।
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल टावर डंप, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और साइबर सर्विलांस की मदद ली। मृतक का गायब मोबाइल फोन पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ। CEIR पोर्टल और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस को आरोपियों की लोकेशन खरसिया थाना क्षेत्र के पलगड़ा इलाके में मिली। इसके बाद पुलिस ने ग्राम पंडरीपानी निवासी देवकुमार यादव (33) को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसके कब्जे से मृतक का मोबाइल बरामद हुआ और उसने अपने साथी रूपचरण यादव (40) के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कुछ दिन पहले मृतक पुरूषोत्तम खुंटे से मोटरसाइकिल खड़ी करने की बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी रंजिश के चलते दोनों आरोपी वारदात की योजना बना रहे थे। घटना की रात वे स्केल पट्टी की मदद से दरवाजा खोलकर घर में घुसे और सो रहे दंपति पर लोहे की रॉड से लगातार कई वार किए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने घर की तलाशी लेकर नकदी, मोबाइल और मृतिका के गले तथा नाक में पहने सोने के आभूषण लूट लिए।
आरोपी रूपचरण यादव की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड, खून से सने कपड़े और 74 हजार रुपये नकद बरामद किए। वहीं आरोपियों द्वारा लूटे गए आभूषण जैजैपुर के सराफा व्यापारी बाबूलाल साहू को 84 हजार रुपये में बेच दिए गए थे। पुलिस ने बाबूलाल साहू (50) को भी गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लूटे गए सोने के आभूषण बरामद कर लिए हैं।
पुलिस की पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ। आरोपियों ने स्वीकार किया कि जून 2024 में मालखरौदा थाना क्षेत्र के मुक्ता गांव में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड को भी उन्होंने ही अंजाम दिया था। उस मामले में मगनलाल गबेल और उनकी पत्नी बुधवारा बाई गबेल की हत्या कर घर से आभूषण लूटे गए थे। आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते उस वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 9 ग्राम सोने के आभूषण, करीब 5 ग्राम पिघला हुआ सोना, 77 हजार रुपये नकद, वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और लोहे की रॉड बरामद की है। दोहरे अंधे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में मिली सफलता पर बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने पूरी टीम को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
सक्ती पुलिस की इस कार्रवाई को जिले के दो बड़े ब्लाइंड मर्डर केसों का पर्दाफाश करने वाली बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों और लूट का माल खरीदने वाले सराफा कारोबारी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

