जांजगीर-चांपा, 4 जून 2026। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे व्यापक अभियान का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। जांजगीर-चांपा पुलिस की सामुदायिक पुलिसिंग, जनजागरूकता कार्यक्रमों और सख्त यातायात प्रवर्तन के चलते सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में 23 प्रतिशत की कमी आई है।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात उदयन बेहार के नेतृत्व में जिलेभर में सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस द्वारा गांव-गांव पहुंचकर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया, जिसका सकारात्मक प्रभाव अब आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है।
जिले के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में मई माह तक सड़क दुर्घटनाओं में 127 लोगों की मौत हुई थी, जबकि वर्ष 2026 में इसी अवधि के दौरान यह आंकड़ा घटकर 97 रह गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि सतत निगरानी, प्रभावी कार्रवाई और आम नागरिकों की बढ़ती जागरूकता का परिणाम है।
जिले में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान नागरिकों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट का उपयोग करने, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने, तेज गति से बचने और ट्रिपल सवारी नहीं करने जैसे महत्वपूर्ण यातायात नियमों की जानकारी दी गई। स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और सार्वजनिक स्थलों पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा जिले के दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाए गए। सड़क मरम्मत, चौक-चौराहों पर प्रकाश व्यवस्था मजबूत करने, अवैध अतिक्रमण हटाने और दृश्यता में बाधा बनने वाले अवरोधों को हटाने जैसी कार्रवाइयों से सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाया गया।
दुर्घटना संभावित स्थानों पर विशेष निगरानी रखते हुए ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट वाहन चलाने, ट्रिपल सवारी और नशे में वाहन संचालन करने वालों के खिलाफ लक्षित कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि आने वाले समय में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ जिला पुलिस ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। बीते पांच महीनों में 318 वाहन चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस का मानना है कि ड्रिंक एंड ड्राइव सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर रात्रिकालीन दुर्घटनाओं को कम करने के लिए यातायात पुलिस ने एक अभिनव पहल भी शुरू की है। पेट्रोलिंग के दौरान घुमंतू मवेशियों के गले में रेडियम पट्टियां लगाई जा रही हैं। वाहन की हेडलाइट पड़ते ही ये पट्टियां दूर से चमकती हैं, जिससे चालक समय रहते मवेशियों को देख सकते हैं और दुर्घटना की आशंका कम हो जाती है। इस पहल में स्थानीय लोगों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में आई कमी केवल पुलिस कार्रवाई का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें मीडिया की सतर्क भूमिका और नागरिकों की जिम्मेदार भागीदारी का भी महत्वपूर्ण योगदान है। जागरूकता, कार्रवाई और निगरानी के संयुक्त प्रयासों से जिले में सड़क सुरक्षा की स्थिति बेहतर हुई है।
जांजगीर-चांपा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और “सुरक्षित यातायात, सुरक्षित जीवन” के संकल्प को सफल बनाने में सहयोग दें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली जनहानि को और अधिक कम किया जा सके।

