विपुल अमृतलाल शाह की 'गवर्नर' को असली 1990 का लुक देने के लिए मेकर्स को करनी पड़ी कड़ी मशक्कत, पढ़ें हर एक डिटेल - vedantsamachar.in

विपुल अमृतलाल शाह की ‘गवर्नर’ को असली 1990 का लुक देने के लिए मेकर्स को करनी पड़ी कड़ी मशक्कत, पढ़ें हर एक डिटेल

मुंबई। ​मनोज बाजपेयी और अदा शर्मा स्टारर फिल्म ‘गवर्नर’ इस साल की सबसे मच-अवेटीड फिल्मों में से एक है, जो अपने ट्रेलर लॉन्च के बाद से ही लगातार जबरदस्त सुर्खियां बटोर रही है। भारत के 1990 के आर्थिक संकट की पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म देश के इतिहास के एक बेहद महत्वपूर्ण अध्याय को टटोलती है। इतिहास के इस पन्ने को पर्दे पर इतने बेहतरीन तरीके से उतारने के लिए दर्शकों से ट्रेलर को बेहद शानदार रिस्पॉन्स मिला है।

​अपनी दमदार कहानी के अलावा, ‘गवर्नर’ इस समय उस दौर (1990 के दशक) को पूरी तरह प्रामाणिक और असली दिखाने के लिए की गई कड़ी मेहनत को लेकर भी चर्चा में है। प्रोडक्शन से जुड़े एक करीबी सूत्र ने खुलासा किया कि मेकर्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती उस दौर को पर्दे पर हूबहू जिंदा करने की थी। चूंकि फिल्म का एक बड़ा हिस्सा असली आउटडोर लोकेशंस पर शूट किया गया था, इसलिए टीम को आज के आधुनिक दौर के माहौल को बदलकर उसे 1990 के दशक के रंग में ढालना पड़ा।

​सूत्र ने बताया, “गवर्नर की मेकिंग के दौरान सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक ऐसा दौर तैयार करना था जो स्क्रीन पर पूरी तरह से असली लगे। चूंकि इसकी शूटिंग बड़े पैमाने पर असली लोकेशंस पर की गई थी, इसलिए आज की आधुनिक दुनिया से जुड़ी हर चीज को फ्रेम से हटाने में बहुत मेहनत लगी चाहे वो आधुनिक कारें हों, साइनबोर्ड हों, बिलबोर्ड, मोबाइल टावर, एलईडी डिस्प्ले हों या फिर भीड़ में खड़े लोगों के हेयरस्टाइल और कपड़े ही क्यों न हों। हर एक फ्रेम ऐसा होना चाहिए था जो दर्शकों को सीधे समय में पीछे ले जाए, और इसे हासिल करने के लिए पूरी टीम की तरफ से बारीक प्लानिंग और बारीकियों पर खास ध्यान देने की जरूरत थी।”

​सच्ची घटनाओं से प्रेरित ‘गवर्नर’ दर्शकों को भारत के आर्थिक इतिहास के सबसे उथल-पुथल भरे दौर में ले जाती है। 1990 के वित्तीय संकट के बीच सेट यह फिल्म बड़े फैसलों, राजनीतिक दांव-पेचों और संस्थागत टकरावों (Institutional conflict) की एक बेहद रोमांचक कहानी बयां करती है। ट्रेलर में अनिश्चितता और महत्वाकांक्षा से भरी एक गंभीर कहानी की झलक मिलती है, वहीं राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता मनोज बाजपेयी देश को एक नई दिशा देने वाले इस पल के केंद्र में ‘गवर्नर’ के रूप में एक बेहद दमदार किरदार में नजर आ रहे हैं।

​दमदार डायलॉग्स से सजी यह शानदार कहानी ‘सनशाइन पिक्चर्स’ द्वारा पेश की जा रही है। चिन्मय मांडलेकर के निर्देशन में बनी इस फिल्म को विपुल अमृतलाल शाह ने प्रोड्यूस किया है, जबकि आशिन ए. शाह इसके को-प्रोड्यूसर हैं। फिल्म की स्क्रिप्ट सुवेंदु भट्टाचार्य, सौरभ भरत, रवि असरानी और विपुल अमृतलाल शाह ने लिखी है। फिल्म के गाने महान गीतकार जावेद अख्तर ने लिखे हैं और इसका म्यूजिक अमित त्रिवेदी ने तैयार किया है। यह फिल्म 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है।