एक ट्रैफिक चालान और खत्म हो गया 25 साल का 'खेल' , बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़ा - vedantsamachar.in

एक ट्रैफिक चालान और खत्म हो गया 25 साल का ‘खेल’ , बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़ा

आगरा,03 जून : उत्तर प्रदेश के आगरा में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस जांच और तकनीक की ताकत दोनों को साबित कर दिया. 25 साल पहले लूट और युवती को भगाने के मामले में फरार हुआ एक इनामी बदमाश पुलिस से बचने के लिए नाम, धर्म, शहर और पहचान तक बदलता रहा. उसने अपनी पुरानी जिंदगी छोड़कर नई पहचान के साथ जीवन शुरू कर दिया था, लेकिन आखिरकार एक ट्रैफिक चालान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से उसकी तलाश पूरी हो गई.

जिसके बाद पुलिस ने दिल्ली से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान सैमुअल उर्फ सहदेव उर्फ अमित के रूप में हुई है. वह वर्ष 2002 से थाना लोहा मंडी में 174000 रुपये की लूटकांड और एक युवती को भगाने के मामले में वांछित चल रहा था. उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. लूट की घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी नॉर्थ ईस्ट में भाग गया था. पुलिस जांच के दौरान एक वाहन के ट्रैफिक चालान से महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा. दिल्ली में कटे एक चालान की जानकारी ने पुलिस को आरोपी तक पहुंचने का रास्ता दिखाया. इसके बाद तकनीकी सर्विलांस और अन्य माध्यमों से उसकी लोकेशन ट्रेस की गई. जांच में सामने आया कि आरोपी दिल्ली के प्रेमनगर, नागलोई क्षेत्र में रह रहा था. पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने कई बार अपनी पहचान बदली.

उसने अलग-अलग नामों और धार्मिक पहचान का सहारा लिया व विभिन्न राज्यों में ठिकाने बदलकर रह रहा था. ताकि पुलिस उसे पकड़ न सके. फरारी के दौरान आरोपी एक निजी स्कूल में शूटिंग रेंज टीचर के रूप में कार्य कर रहा था. पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि पिछले 25 वर्षों के दौरान वह किन-किन राज्यों और शहरों में रहा व किन गतिविधियों में शामिल रहा. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने प्रेम विवाह करने के उद्देश्य से लूट की वारदात को अंजाम दिया था. इसके बाद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और वह फरार हो गया. आगरा पुलिस कमिश्नरेट के डीसीपी सिटी अली अब्बास ने बताया कि 25 साल से अभियुक्त जिसका नाम सैमुअल उर्फ सहदेव उर्फ अमित था, वह गायब चल रहा था. बदमाश पर एक मुकदमा लड़की भगाने का था और दूसरा मुकदमा लूट का था. शुरुआती में आरोपी पर ₹2000 का इनाम था फिर बढ़ाकर ₹10000 का किया गया. वहीं 2018 में इनाम बढ़ाकर ₹25000 किया गया और उस पर ₹50000 का इनाम है. 25 साल से आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल रहा था. आरोपी अपना सारा घर-बार बेचकर दिल्ली शिफ्ट हो चुका था. हालांकि पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी. पुलिस के पास उसकी 25 साल पुरानी एक फोटो थी.

जिसको एआई के माध्यम से डिफरेंट सोशल मीडिया पर रन कराया. उसके बाद एक सिमिलर सा फोटो मिला था. जिस पर 6 महीने से लगातार थाना नाई की मंडी की टीम और टेक्निकल प्रभारी सर्विलांस और बाकी टीम काम कर रही थी. कुछ दिनों पहले हमने अपने पोर्टल पर कुछ चीज रन कराई, जिसमें एक कार का नंबर मिला. उस नंबर पर जो सैमुअल है, उसकी पत्नी के नाम से कार थी. जिस पर पुलिस को कुछ शक हुआ. इसी आधार पर पिछले एक महीने से दिल्ली में जहां पर यह रह रहा था, उसकी एक्टिविटीज को ट्रैक किया जा रहा है. पुलिस जब श्योर हो गई तो दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.