महासमुंद में ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, 3 खाईवाल गिरफ्तार - vedantsamachar.in

महासमुंद में ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, 3 खाईवाल गिरफ्तार

महासमुंद, 31 मई (वेदांत समाचार)। जिले की सांकरा पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह का संचालन महाराष्ट्र के नागपुर से किया जा रहा था और इसके तार स्थानीय स्तर पर कई अन्य खाईवालों तथा सट्टा संचालकों से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि भगतदेवरी क्षेत्र में एक दुकान में आईपीएल क्रिकेट मैचों के दौरान रुपये-पैसों का दांव लगाकर ऑनलाइन सट्टा खेला और खिलाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी नरेश निषाद और मनोहर मांझी के मोबाइल फोन खंगाले गए।

पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे नागपुर निवासी मधुसूदन ठाकरे के संपर्क में रहकर आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगाते थे। हार-जीत का भुगतान स्थानीय लोगों के माध्यम से कराया जाता था, जबकि कई लेन-देन फोनपे के जरिए भी किए जाते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से जब्त मोबाइल फोन की जांच में ऑनलाइन सट्टे से जुड़े चैट, ट्रांजेक्शन स्क्रीनशॉट और फोनपे के माध्यम से हजारों से लेकर लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन के प्रमाण मिलने का दावा किया है। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद डिजिटल साक्ष्यों से यह संकेत मिले हैं कि नेटवर्क काफी बड़ा है और इसमें कई स्थानीय एजेंट एवं खाईवाल भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें नरेश निषाद (40), मनोहर मांझी (38),मधुसूदन ठाकरे (40) शामिल हैं।

इनके पास से एक लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन, 1,500 रुपये नकद जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और डिजिटल लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। जांच में कई संदिग्ध मोबाइल नंबर और स्थानीय एजेंटों के सुराग मिले हैं। सांकरा थाना पुलिस का मानना है कि नागपुर के कथित संचालक मधुसूदन ठाकरे से जुड़े इस नेटवर्क के तार कई अन्य सट्टा कारोबारियों तक पहुंच सकते हैं। पुलिस अब मोबाइल लोकेशन और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 7(1) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस ऑनलाइन सट्टा रैकेट से जुड़े और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।