कोरबा में रिश्वतखोर सहायक ग्रेड-02 प्रदीप मिश्रा निलंबित, 40 हजार रुपये लेते एसीबी ने किया था गिरफ्तार - vedantsamachar.in

कोरबा में रिश्वतखोर सहायक ग्रेड-02 प्रदीप मिश्रा निलंबित, 40 हजार रुपये लेते एसीबी ने किया था गिरफ्तार

कोरबा, 30 मई (वेदांत समाचार)। जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड शिक्षा कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 प्रदीप मिश्रा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर की कार्रवाई के बाद जिला शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यालय उप पुलिस अधीक्षक, एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), बिलासपुर द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के तहत दर्ज प्रकरण में 29 मई 2026 को कार्रवाई की गई। इस दौरान कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, पोड़ी उपरोड़ा में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 प्रदीप मिश्रा को प्रार्थी अमृत बघेल से 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

एसीबी की टीम ने शिकायत की पुष्टि के बाद योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी कर्मचारी को रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने आरोपी कर्मचारी के आचरण को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के विपरीत मानते हुए उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की। इसके तहत प्रदीप मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान प्रदीप मिश्रा का मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, कटघोरा निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार और जिला प्रशासन भ्रष्टाचार के मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति पर कार्य कर रहे हैं और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में एसीबी और ईओडब्ल्यू द्वारा भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिससे सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं।