छत्तीसगढ़ : BJP विधायक रामकुमार टोप्पो पर केस दर्ज; नायब तहसीलदार से मारपीट का आरोप - vedantsamachar.in

छत्तीसगढ़ : BJP विधायक रामकुमार टोप्पो पर केस दर्ज; नायब तहसीलदार से मारपीट का आरोप

सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो पर मारपीट का केस, नायब तहसीलदार से विवाद

BJP MLA Ramkumar Toppo FIR: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सीतापुर के भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों के खिलाफ मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है. यह कार्रवाई राजापुर उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी की शिकायत के आधार पर की गई है. आरोप है कि राजपुर चौराहे पर विधायक और उनके समर्थकों ने उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की. घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने जीरो में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं, जिससे मामला और विवादित हो गया है. प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है.

मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा का आरोप
कोतवाली पुलिस ने विधायक रामकुमार टोप्पो, यूसुफ, नाजिम राजा, पंकज गुप्ता सहित करीब 10 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 221, 221(1), 132 और 191(2) के तहत अपराध दर्ज किया है. शिकायत में नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी ने आरोप लगाया है कि विधायक और उनके समर्थकों ने सार्वजनिक रूप से उनके साथ मारपीट की और सरकारी कार्य में बाधा डाली.

क्या है पूरा विवाद?
प्राप्त जानकारी के मुता
बिक, यह विवाद ‘शोधन क्षमता प्रमाण पत्र’ (Solvency Certificate) को लेकर शुरू हुआ. नायब तहसीलदार के अनुसार, विधायक के एक समर्थक ने इस प्रमाण पत्र को जारी करने के लिए संपर्क किया था. उन्होंने बताया कि बीमार होने के कारण दो दिन कार्यालय नहीं आने के बाद बुधवार को उन्होंने काम संभाला. उसी दिन एक महिला अधूरे दस्तावेज लेकर पहुंची, जिसे उन्होंने पूरा करने को कहा. आरोप है कि बाद में दूसरी महिला तत्काल हस्ताक्षर करने का दबाव बनाने लगी, जिसे उन्होंने नियमानुसार अगले दिन तक इंतजार करने को कहा.

विधायक व समर्थकों पर गंभीर आरोप
नायब तहसीलदार ने आरोप लगाया कि बाद में विधायक के निजी सहायक ने उन्हें राजापुर बुलाया, जहां विधायक अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे. उनका कहना है कि वहां पहुंचने पर कुछ समर्थकों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक ने भी कथित रूप से उन्हें पीटा, जबकि एसडीएम के हस्तक्षेप से उनकी जान बच पाई. एसडीएम फागेश सिन्हा ने भी पुष्टि की कि नायब तहसीलदार के साथ मारपीट की घटना हुई है.

विधायक पक्ष का भी आरोप
वहीं, विधायक की चचेरी बहन सीमा धनकी ने नायब तहसीलदार पर दुर्व्यवहार, धक्का देने और अभद्र भाषा का उपयोग करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि उन्होंने 14 मई को आवेदन दिया था और कई बार कार्यालय जाने के बावजूद काम नहीं किया गया. सीमा धनकी ने दावा किया कि अधिकारी ने उनके साथ बदसलूकी की और जातिसूचक टिप्पणी भी की, जिसके चलते उन्होंने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.

दोनों पक्षों से शिकायत, प्रशासन अलर्ट
सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें दर्ज की गई हैं. उन्होंने मामले की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम को मौके पर जांच के निर्देश दिए थे. कलेक्टर ने कहा कि पुलिस जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. जिले के प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस जांच में जुटी, स्थिति पर नजर
कोतवाली पुलिस ने जीरो में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है और गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं. यह मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है.