10 साल की बच्ची से दरिंदगी के बाद हत्या… प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंसते दिखे अफसर, वीडियो वायरल होते ही भड़का लोगों का गुस्सा – vedantsamachar.in

10 साल की बच्ची से दरिंदगी के बाद हत्या… प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंसते दिखे अफसर, वीडियो वायरल होते ही भड़का लोगों का गुस्सा

तमिलनाडु, 26 मई। तमिलनाडु के कोयंबटूर में 10 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। लेकिन इस मामले में अब सिर्फ अपराध ही नहीं, बल्कि प्रशासन और नेताओं का रवैया भी विवादों के केंद्र में आ गया है। घटना के बाद सामने आए दो वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें मंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुस्कुराते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आते ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा और सरकार पर असंवेदनशीलता के आरोप लगने लगे।

पूरा मामला कोयंबटूर के सुलूर इलाके का है, जहां 21 मई को 10 साल की बच्ची अपने घर के बाहर खेलते समय अचानक लापता हो गई थी। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पांच विशेष टीमें गठित की गईं। करीब 250 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले गए और तकनीकी सर्विलांस की मदद से मुख्य आरोपी कार्थी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने एक अन्य आरोपी को साजिश के आरोप में पकड़ा है। शुरुआती जांच में सामने आया कि बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे इलाके में डर और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया। लेकिन मामला तब और गरमा गया जब प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तमिलनाडु की उद्योग मंत्री एस. कीर्तन का एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में पत्रकारों के सवालों के बीच मंत्री मुस्कुराती नजर आईं, जिसके बाद विपक्ष और सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे बेहद असंवेदनशील बताया। बीजेपी ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इतनी भयावह घटना पर इस तरह का व्यवहार पीड़ित परिवार का अपमान है। हालांकि मंत्री ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी मुस्कान किसी सवाल के जवाब में नहीं थी और वीडियो को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

इसी बीच एक और वीडियो सामने आया, जिसमें कोयंबटूर जोन की आईजी आर. वी. रम्या भारती, डीआईजी पी. समिनाथन और एसपी पवन कुमार रेड्डी प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले हंसते और बातचीत करते दिखाई दिए। इस वीडियो ने लोगों की नाराजगी और बढ़ा दी। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब पूरा राज्य एक मासूम बच्ची की मौत से सदमे में है, तब वरिष्ठ अधिकारियों का ऐसा रवैया कैसे स्वीकार किया जा सकता है। बीजेपी नेता विनोज पी सेल्वम ने राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि यह घटना कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले की गंभीरता को समझने में विफल रही है। वहीं मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने घटना को अमानवीय और दर्दनाक बताते हुए दोषियों को सख्त सजा दिलाने का भरोसा दिया है।

इस मामले ने अब सिर्फ एक आपराधिक घटना का रूप नहीं बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और संवेदनशीलता पर बड़ी बहस खड़ी कर दी है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसी भयावह घटनाओं के दौरान सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों का व्यवहार कैसा होना चाहिए।