गुजरात, 26 मई (वेदांत समाचार) ।अहमदाबाद से देश की बैंकिंग व्यवस्था को हिला देने वाला मामला सामने आया है, जहां रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के खजाने से ही 8 करोड़ 70 लाख रुपये चोरी कर लिए गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस हाई-प्रोफाइल चोरी को किसी बाहरी गैंग ने नहीं बल्कि बैंक के ही एक कर्मचारी ने अंजाम दिया, जो पिछले 15 साल से उसी शाखा में काम कर रहा था। आरोपी ने इतनी शातिराना प्लानिंग की कि महीनों तक किसी को भनक तक नहीं लगी। लेकिन आखिरकार उसकी एक बड़ी चूक ने पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया। जानकारी के मुताबिक यह चोरी अहमदाबाद स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की उस शाखा में हुई, जहां RBI का कैश खजाना रखा जाता है। आरोपी कर्मचारी 13 जनवरी को दो मजदूरों के साथ सफाई के बहाने खजाने के अंदर गया और वहां रखे करोड़ों रुपये के नोटों को कचरे के बॉक्स में भरकर बाहर निकाल ले गया। चूंकि वह बैंक का पुराना कर्मचारी था, इसलिए किसी को उस पर शक नहीं हुआ।
आरोपी को यह भी पता था कि बैंक के CCTV फुटेज 90 दिनों बाद अपने आप डिलीट हो जाते हैं। यही वजह थी कि चोरी के बाद भी वह लगातार करीब 98 दिनों तक ऑफिस आता रहा ताकि किसी को उस पर संदेह न हो। जब CCTV की अवधि खत्म हो गई और पुराने फुटेज डिलीट हो गए, तब आरोपी ने मेडिकल लीव ली और अचानक लंबी छुट्टी पर चला गया। उसने चोरी के पैसों से आलीशान जिंदगी जीनी शुरू कर दी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने करोड़ों रुपये खर्च कर मकान खरीदा, नई गाड़ी खरीदी और शेयर मार्केट में भी निवेश किया। इतना ही नहीं, उसने अपनी एक महिला सहकर्मी को मकान खरीदने के लिए 23 लाख रुपये तक दे दिए। मामले का खुलासा तब हुआ जब RBI की ओर से खजाने में रखे कैश का ऑडिट और सत्यापन किया गया। जांच के दौरान करोड़ों रुपये कम पाए गए, जिसके बाद बैंक प्रशासन में हड़कंप मच गया। जब CCTV रिकॉर्ड और कर्मचारियों की गतिविधियों की जांच शुरू हुई तो शक उसी कर्मचारी पर गया। पुलिस ने FIR दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की और पता चला कि आरोपी घूमने के लिए मनाली गया हुआ है। 22 मई को पुलिस ने आरोपी के घर और अन्य ठिकानों पर छापा मारा। इस दौरान उसके घर के बाहर खड़ी कार से ही 2 करोड़ 20 लाख रुपये नकद बरामद कर लिए गए। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने ऐशो-आराम की जिंदगी जीने के लिए चोरी की थी।
उसने यह भी स्वीकार किया कि चोरी की रकम में से करीब 4 करोड़ रुपये वह पहले ही खर्च कर चुका है। पुलिस अब बाकी रकम की तलाश कर रही है और आरोपी के बैंक खातों, निवेश और संपत्तियों की जांच की जा रही है। मामले में आरोपी की पत्नी की भूमिका भी जांच के दायरे में है, जो रेलवे पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या चोरी की रकम को छिपाने या खर्च करने में उसकी भी कोई भूमिका थी। इस घटना ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस RBI के खजाने को देश की सबसे सुरक्षित वित्तीय जगहों में गिना जाता है, वहीं करोड़ों रुपये की सेंधमारी ने सुरक्षा प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

