महासमुंद,25 मई (वेदांत समाचार)। महासमुंद जिला जेल में बंदी के साथ कथित रूप से मारपीट की खबरों को जेल प्रशासन ने पूरी तरह से निराधार और तथ्यहीन बताया है। इस संबंध में सोशल मीडिया और कुछ व्हाट्सएप ग्रुपों में प्रसारित हो रही जानकारी को लेकर जिला जेल अधीक्षक ने स्पष्ट बयान जारी किया है और आरोपों को सिरे से खारिज किया है। जेल अधीक्षक के अनुसार बंदी रौनक सोनी उर्फ गबरू के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट की घटना नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों में यह दावा किया जा रहा है कि जेल परिसर में तैनात पहरेदारों द्वारा बंदी के साथ दुर्व्यवहार किया गया, जबकि यह पूरी तरह गलत और भ्रामक सूचना है। प्रशासन ने कहा है कि जेल परिसर में सुरक्षा और बंदियों के प्रबंधन को लेकर सभी निर्धारित नियमों और मानकों का पालन किया जाता है।
किसी भी बंदी के साथ अनुचित व्यवहार या मारपीट जैसी घटना का कोई प्रमाण नहीं है। जेल अधीक्षक ने यह भी कहा कि इस प्रकार की अफवाहें न केवल प्रशासन की छवि को प्रभावित करती हैं, बल्कि जनता के बीच अनावश्यक भ्रम भी फैलाती हैं। जानकारी के अनुसार हाल ही में कुछ व्हाट्सएप ग्रुप और स्थानीय मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह खबर तेजी से फैली थी कि जिला जेल में बंद एक बंदी के साथ गंभीर मारपीट की गई है। इस खबर के प्रसारित होने के बाद विभिन्न स्तरों पर चर्चा शुरू हो गई थी और मामले को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। हालांकि जेल प्रशासन ने तुरंत स्थिति स्पष्ट करते हुए इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया। जेल अधीक्षक ने कहा कि बंदी रौनक सोनी द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों की कोई वास्तविकता नहीं है और यह पूरी तरह से निराधार हैं। उन्होंने बताया कि जेल में सभी बंदियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाता है तथा समय-समय पर उनकी निगरानी भी की जाती है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जेल परिसर में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर सख्त नियम लागू हैं और उनकी नियमित जांच की जाती है। यदि किसी भी स्तर पर कोई शिकायत प्राप्त होती है, तो उसकी जांच नियमानुसार की जाती है। जेल अधीक्षक ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि के किसी भी प्रकार की अफवाह या गलत जानकारी पर भरोसा न करें और न ही उसे आगे साझा करें। उन्होंने कहा कि इस तरह की भ्रामक खबरें समाज में गलत संदेश फैलाती हैं और प्रशासनिक कार्यों को प्रभावित करती हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बंदी रौनक सोनी उर्फ गबरू के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट नहीं हुई है और लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह गलत और असत्य हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि जेल में स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है। इस पूरे मामले को लेकर जेल प्रशासन ने अपनी स्थिति साफ कर दी है और कहा है कि भविष्य में भी किसी तरह की गलत सूचना फैलाने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

