क्रॉस हिल्स पर भालुओं का डेरा, रिहायशी इलाकों तक पहुंचा खतरा, वन विभाग रहा बेखबर – vedantsamachar.in

क्रॉस हिल्स पर भालुओं का डेरा, रिहायशी इलाकों तक पहुंचा खतरा, वन विभाग रहा बेखबर

डोंगरगढ़ 23 मई 2026 (वेदांत वेदांत) . डोंगरगढ़ के केदारबाड़ी स्थित क्रॉस हिल शुक्रवार शाम अचानक दहशत और रहस्य का केंद्र बन गई. पास के मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार चल रहा था. लोग चिता के पास खड़े थे, तभी पहाड़ी की तरफ से रोने, कराहने और सिसकने जैसी अजीब आवाजें गूंजने लगीं. आवाज इतनी तेज और भयावह थी कि वहां मौजूद लोगों के दिल दहल गए. कुछ देर तक किसी को समझ ही नहीं आया कि आखिर ये आवाज किसकी है और कहां से आ रही है. मुक्तिधाम में मौजूद लोगों को लगा कि शायद पहाड़ी पर कोई घायल है या कोई अनहोनी हो गई है. जैसे-जैसे आवाजें तेज होती गईं, वहां मौजूद लोगों के बीच डर और बेचैनी बढ़ने लगी. कई लोग पहाड़ी की तरफ देखने लगे, लेकिन कोई ऊपर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था.
इसी दौरान केदारबाड़ी निवासी रवि पांडेय और आशीषसुमित साहू मौके पर पहुंचे. दोनों ने मोबाइल कैमरा ऑन कर आवाज़ की दिशा में रिकॉर्डिंग शुरू की. जैसे ही कैमरा क्रॉस हिल की झाड़ियों और चट्टानों की तरफ घूमा, पूरा रहस्य सामने आ गया. पहाड़ी पर कई Sloth Bear घूमते दिखाई दिए, जो लगातार रोने और कराहने जैसी आवाजें निकाल रहे थे. वीडियो सामने आते ही इलाके में सनसनी फैल गई. देखते ही देखते क्रॉस हिल के नीचे लोगों की भीड़ जमा हो गई. कई लोग पहली बार इतनी करीब से Sloth Bear को देखकर हैरान रह गए और मोबाइल से वीडियो बनाने लगे. देर शाम तक पूरे डोंगरगढ़ में “क्रॉस हिल की रहस्यमयी आवाज़” चर्चा का विषय बनी रही. वन्यजीव जानकारों के मुताबिक Sloth Bear ऐसी आवाज़ें आमतौर पर तब निकालते हैं, जब मां और बच्चे एक-दूसरे से बिछड़ जाते हैं या संपर्क बनाने की कोशिश कर रहे होते हैं. इस दौरान भालू बेहद बेचैन और आक्रामक भी हो सकते हैं.

विशेषज्ञों के अनुसार स्लॉथ बीयर को भारत के सबसे खतरनाक जंगली जानवरों में गिना जाता है और अचानक सामने आने पर यह हमला भी कर सकता है. सबसे बड़ा सवाल वन विभाग की निष्क्रियता को लेकर उठ रहा है. शहर से लगे इलाके, मुक्तिधाम और लोगों की भीड़ के बीच जंगली भालू खुलेआम घूमते रहे, लेकिन वन विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा. ना लोगों को सतर्क किया गया और ना ही सुरक्षा को लेकर कोई व्यवस्था दिखाई दी.

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर भालू आबादी की तरफ उतर आते, तो बड़ी घटना हो सकती थी. क्रॉस हिल में लंबे समय बाद फिर भालुओं की इतनी खुली गतिविधि दिखाई दी है. इस घटना के बाद अब लोगों के बीच डर के साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर शहर से लगे पहाड़ी इलाके में बढ़ती वन्यजीव गतिविधियों को लेकर वन विभाग कब गंभीर होगा.