सोमनाथ मंदिर में गूंजा ‘हर-हर महादेव’, पीएम नरेंद्र मोदी ने किया कुंभाभिषेक, पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे – vedantsamachar.in

सोमनाथ मंदिर में गूंजा ‘हर-हर महादेव’, पीएम नरेंद्र मोदी ने किया कुंभाभिषेक, पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे

सोमनाथ 11 मई 2026 । गुजरात स्थित ऐतिहासिक और आस्था के केंद्र सोमनाथ मंदिर में सोमवार को भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित ‘अमृत पर्व’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और मंदिर में विशेष कुंभाभिषेक अनुष्ठान में शामिल हुए। इस दौरान पूरे मंदिर परिसर में ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष गूंज उठे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात दौरे के दौरान सोमनाथ पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठान और पारंपरिक विधि-विधान के साथ कुंभाभिषेक कार्यक्रम संपन्न हुआ। पीएम मोदी ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर देशवासियों की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।

सोमनाथ मंदिर भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित ‘अमृत पर्व’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, श्रद्धालु और गणमान्य लोग शामिल हुए। इस अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक महत्व को याद करते हुए कहा कि यह मंदिर भारत की आस्था, संस्कृति और पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ ने सदियों के संघर्ष के बाद भी अपनी पहचान और गौरव को बनाए रखा है, जो देश की सांस्कृतिक शक्ति को दर्शाता है।

सोमनाथ मंदिर का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है। कई बार आक्रमणों और विध्वंस का सामना करने के बावजूद मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया। स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रेरणा से मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। आज यह मंदिर देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र बन चुका है।

प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पीएम मोदी की एक झलक पाने के लिए मौजूद रहे।

सोमनाथ मंदिर में आयोजित यह विशेष कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपरा के उत्सव के रूप में भी देखा जा रहा है।